केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा नौकरशाह रहे एस जयशंकर को विदेश मंत्री बनाने के बाद अब संसद भेजने की तैयारी कर रही है. एक खबर के मुताबिक पार्टी उन्हें गुजरात से राज्यसभा भेज सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट की मानें तो पहले एस जयशंकर को तमिलनाडु से राज्यसभा का सांसद बनाने की बात चल रही थी, लेकिन बाद में उन्हें गुजरात से भेजने का फैसला किया गया.

दरअसल नरेंद्र मोदी सरकार का हिस्सा नहीं बनने के बाद भाजपा, एआईएडीएमके पर दबाव बना रही है कि वह अपनी चार राज्यसभा सीटों में से एक उसे दे दे. ये चारों सीटों 24 जुलाई को खाली हो रही हैं. वहीं, एआईएडीएमके के लिए मुश्किल यह है कि उपचुनावों में 22 में से 13 विधानसभा सीटों गंवाने के बाद उसे एक राज्यसभा डीएमके के लिए छोड़नी है. इसके अलावा उसे पीएमके को भी एक राज्यसभा सीट देनी है जिसका वादा उसने आम चुनाव से पहले किया था. अगर पार्टी भाजपा को भी एक राज्यसभा सीट देती है तो संसद के ऊपरी सदन में उसके सदस्यों की संख्या केवल एक रह जाएगी.

खबर की मानें तो शायद इसीलिए एआईएडीएमके के नेता भाजपा को राज्यसभा सीट देने के खिलाफ थे. उनका कहना था कि तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष का नेतृत्व कर रही डीएमके उनकी पार्टी को बदनाम करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती थी. एआईएडीएमके के एक नेता ने कहा, ‘इससे ऐसा लगेगा मानों हम भाजपा की मांग के आगे फिर झुक रहे हैं. हम ऐसा नहीं कर सकते. वह भी तब, जबकि स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं.’

हालांकि भाजपा के दो राज्यसभा सांसदों अमित शाह और स्मृति ईरानी के चुनाव में लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद इस समस्या का हल निकल गया. पार्टी ने फैसला किया कि अब एस जयशंकर को तमिलनाडु के बजाय गुजरात से राज्यसभा सांसद बनाया जाए. वहीं, संभवतः एआईएडीएमके से मिलने वाली सीट पर पार्टी किसी स्थानीय नेता को सांसद बनाएगी.