मालेगांव बम धमाकों की आरोपित और भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को एनआईए अदालत से झटका मिला है. सोमवार को उसने प्रज्ञा की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने मालेगांव मामले की सुनवाई के दौरान पेश होने से छूट की मांग की थी. विशेष एनआईए जज वीएस पाडलकर ने कहा कि यह मामला जिस स्टेज पर पहुंच गया है, उसे देखते हुए सुनवाई के दौरान प्रज्ञा ठाकुर की मौजूदगी जरूरी है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक प्रज्ञा ने याचिका में कहा था कि उन्हें संसद से जुड़ी औपचराकिताएं पूरी करनी हैं, लिहाजा उन्हें (पेश होने के लिए) समय चाहिए. उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, ‘याचिका में छूट के लिए जो वजहें बताई गई हैं, उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता. आरोपित ने पहले भी अदालत में पेश होने का वादा किया था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकीं.’

कोर्ट ने आगे कहा, ‘अभियोजन पक्ष अब आरोपित के खिलाफ अपने आरोप साबित करने के लिए महत्वपूर्ण गवाहों को बुला रहा है. ऐसे में आरोपित की मौजूदगी जरूरी है.’ इसके अलावा अदालत ने यह भी याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में इस बात पर जोर दिया था कि राजनेताओं के मामले में निचली अदालतों को फुरती से फैसले लेने चाहिए.