बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने आज सपा-बसपा गठबंधन से अलग होने की बात दोहराई. हालांकि उनका कहना है कि वे स्थायी रूप से गठबंधन नहीं तोड़ रही हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मायावती ने कहा, ‘अगर भविष्य में हमें लगा कि सपा अध्यक्ष (अखिलेश यादव) अपने राजनीतिक कार्यों में सफल हो रहे हैं, तो हम फिर से एक साथ काम कर सकते हैं. लेकिन अगर वे सफल नहीं होते, तो हमारे लिए अलग होकर काम करना अच्छा होगा. इसलिए हमने उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है.’

वहीं, अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव से मिले सम्मान को याद करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा, ‘सपा-बसपा गठबंधन बनने के बाद से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने मुझे बहुत सम्मान दिया है. देशहित में मैं तमाम मतभेद भी भूल गई और उन्हें सम्मान दिया. हमारे संबंध केवल राजनीति के लिए नहीं हैं. ये आगे हमेशा के लिए जारी रहेंगे.’

लेकिन इसके साथ मायावती ने गठबंधन तोड़ने के पीछे की राजनीतिक मजबूरियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा के आधार वोट ‘यादव’ समाज से हमें समर्थन नहीं मिला. यहां तक कि सपा के मजबूत उम्मीदवार भी हार गए.’ बता दें कि हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 62 भाजपा ने जीतीं. वहीं, उसके सामने बेहद मजबूत दिख रहे सपा-बसपा गठबंधन को केवल 15 सीटों पर जीत मिली. इनमें से दस पर बसपा और पांच पर सपा विजयी रही.