सेवा में,
निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री, भारत सरकार

खबरों से मुझे पता चला कि मोदी सरकार में नये वित्त मंत्री के रूप में श्रीमती निर्मला सीतारमण यानी आपने मंत्रालय संभाल लिया है. बधाई स्वीकार करें. महोदया, मैं आपको बताना चाहता हूं कि सीनियर सिटीजंस को आपसे बहुत उम्मीदें हैं. इस बात की सबसे ज्यादा कि आप सीनियर सिटीजंस की आजीविका की समस्या को हल करने की कोशिश करेंगी.

मुझे शिकायत है कि पिछले वित्त मंत्री ने उन वरिष्ठ नागरिकों के बारे में कुछ नहीं सोचा जो केवल जमा-पूंजी के ब्याज पर ज़िंदा रहते है और निराश्रित हैं. मोदी सरकार के आने से पहले वरिष्ठ नागरिकों को जमा-पूंजी पर दस प्रतिशत ब्याज मिलता था जो सरकार का पिछला कार्यकाल पूरा होते-होते महज सात प्रतिशत रह गया. बैंक मे धरोहर पर ब्याज दर घटने का सबसे ज्यादा प्रभाव वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ता है क्योंकि उनकी आमदनी का एक मात्र जरिया बैंकों से मिलने वाला ब्याज होता है. इससे वरिष्ठ नागरिकों की हालत पतली होती जा रही है. गत पांच साल से ब्याज दर लगातार कम हो रही है, जिसका नुकसान वरिष्ठ नागरिक उठाते आ रहे हैं. आगे और भी ब्याज दर घटने की संभावना लगती है. इस बारे में सरकार से अनुरोध है कि केवल ब्याज की आमदनी वाले निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों के हित के लिए बैंकों द्वारा दिये जाने वाले ब्याज की नीति मे थोड़ा बदलाव करें.

वर्तमान में सभी बैंकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को मियादी जमा पर आधा प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है. ये वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई विशेष लाभकारी सिद्ध नहीं होता. यदि इस अतिरिक्त ब्याज दर को तीन प्रतिशत कर दिया जाय तो वरिष्ठ नागरिकों को निरंतर बढती महंगाई में अपने भरण-पोषण में मदद मिल सकती है. अतिरिक्त ब्याज का बोझ बैंकों पर न डालकर प्रदेश और केंद्र सरकारें मिल कर अपने राजकोष से पूरा करें.

फिलहाल, लगातार ब्याज की दर घटने से वरिष्ठ नागरिकों को लगभग चार से पांच हजार रुपया महीना फर्क पड़ रहा है. देश में किसानों के बुरे दिन आने के कारण वे लगातार आत्महत्या कर रहे हैं. ऐसा न हो कि वरिष्ठ नागरिक भी अपना खर्चा पूरा न कर पाने के कारण ऐसा ही कोई रास्ता अपनाने पर मजबूर हो जायें.

आपका,

अशोक भाटिया
वसंत नगरी, वसई पूर्व
जिला-पालघर, महाराष्ट्र