इस लोक सभा चुनाव में जिन राज्यों में कांग्रेस का ख़ाता तक नहीं खुला उनमें राजस्थान भी एक है. यहां की सभी 25 लोक सभा सीटें कांग्रेस हार गई. जबकि छह महीने पहले ही कांग्रेस ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी से सत्ता छीनी थी. लेकिन लोक सभा चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव भी जोधपुर से हार गए. इस हार के बाद अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद के संकेत मिल रहे हैं. गहलोत ने कहा है, ‘मेरे बेटे की हार की ज़िम्मेदारी सचिन पायलट (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी) को लेनी चाहिए.’

एबीपी न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में अशोक गहलोत ने कहा, ‘सचिन पायलट को पूरा भराेसा था कि जोधपुर सीट कांग्रेस ही जीतेगी. वह भी बड़े अंतर से. चुनाव अभियान भी अच्छा चला था. लेकिन नतीज़ा सबके सामने है. इसीलिए मुझे लगता है कि सचिन पायलट को कम से कम जोधपुर में पार्टी की हार की ज़िम्मेदारी तो लेनी ही चाहिए.’ ग़ौरतलब है कि जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ही इलाका है. यहां से वे पांच बार लोक सभा के लिए चुने जा चुके हैं. विधायक भी इसी क्षेत्र से रहे हैं.

हालांकि साक्षात्कार के दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘अगर कोई बात कहता है कि मुख्यमंत्री या प्रदेश अध्यक्ष को हार की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए तो मैं कहता हूं कि यह सामूहिक ज़िम्मेदारी का मामला है.’ हालांकि पार्टी के अन्य नेता उदय लाल आंजना ने वैभव की उम्मीदवारी के मसले पर कहा है, ‘कभी-कभी कुछ ग़लतियां हो जाती हैं. आज हम उन्हीं ग़लतियाें का कड़वा नतीज़ा भुगत रहे हैं.’ ग़ौरतलब है कि आंजना ने जोधपुर के बजाय जालोर से वैभव को चुनाव लड़ाने का मशविरा पार्टी नेतृत्व को दिया था.