श्रीलंका में अप्रैल के महीने में ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकाें का असर अब तक दिख रहा है. बौद्ध धर्म की बहुलता वाले श्रीलंका में इन धमाकों में 250 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने के बाद मुस्लिम समुदाय को निशाने पर लिए जाने का सिलसिला लगातार जारी है. इसके चलते श्रीलंका सरकार में शामिल नौ मुस्लिम मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है.

ख़बरों के मुताबिक श्रीलंका सरकार के मुस्लिम मंत्रियों के अलावा इसी समुदाय के दाे राज्यों के गवर्नरों ने भी पद छोड़ दिया है. ये इस्तीफ़े एक प्रभावशाली बौद्ध भिक्षु अतुरालिये रतना की भूख हड़ताल की प्रतिक्रिया में हुए हैं. उन्होंने धमकी दी थी कि जब तक राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना तीन बड़े मुस्लिम पदाधिकारियों को हटाते नहीं वे आमरण अनशन जारी रखेंगे. उन्होंने जिनको हटाने की मांग की थी उनमें श्रीलंका सरकार के एक मुस्लिम मंत्री और दो राज्यों के गवर्नर शामिल हैं.

रतना के अनुसार इन तीनाें ही वरिष्ठ पदाधिकारियों की उन आतंकियों से साठ-गांठ थी, जिन्होंने ईस्टर के मौके पर चर्चों और हाेटलों में आत्मघाती बम धमाके किए. हालांकि अन्य किसी मंत्री पर उन्होंने अंगुली नहीं उठाई थी. लेकिन कहा जा रहा है कि अपने समुदाय के मंत्री (जिन पर आरोप लगे थे) के समर्थन में बाकी आठ मंत्रियों ने भी पद छोड़ा है. ग़ौर करने लायक है कि अनशन करने वाले भिक्षु अतुरालिये संसद सदस्य और राष्ट्रपति सिरिसेना के सलाहकार भी रह चुके हैं.