पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर है. इसका एक और संकेत उस वक़्त मिला जब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि ममता ‘बनर्जी सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी.’ विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी भी हैं.

कैलाश विजयवर्गीय ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘ममता बनर्जी की पार्टी के कई विधायक विद्रोह का झंडा बुलंद करने को तैयार हैं. वे बड़े पैमाने पर टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) छोड़ने वाले हैं. टीएमसी के बड़े नेता भी चिंतित हैं कि इस पार्टी की कमान ममता बनर्जी कहीं अपने भतीजे अभिषेक के हाथ में न सौंप दें. ऐसे कई नेताओं को मैं जानता हूं जो अभिषेक का नेतृत्व स्वीकार नहीं करते. उन्हीं की वज़ह से ममता बनर्जी की सरकार का पतन होगा.’

विजयवर्गीय ने ‘जय श्रीराम’ के नारे पर बंगाल में हो रही सियासत के मसले पर कहा, ‘यह विडंबना है कि ममता बनर्जी को ‘जय श्रीराम’ का नारा ऐसा लगने लगा है जैसे उन्हें किसी ने गाली दे दी हो. वे इसे सुनकर इस तरह प्रतिक्रिया करती हैं जैसे किसी ने उनके कानाें में गरम तेल डाल दिया हो. लाखाें लोगों की आस्था का प्रतीक का यह नारा गाली कैसे हो सकता है? लेकिन अगर वे (ममता बनर्जी) ऐसा सोचती हैं तो इस देश के लोग उनके भविष्य का फ़ैसला करेंगे.’

उन्होंने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल की चुनावी हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों को बुलाने का भी बचाव किया. उनका कहना था, ‘भाजपा ऐसी पार्टी है जहां नरेंद्र मोदी जैसा ज़मीनी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के पद तक पहुंच सकता है. यहां कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है. अगर भाजपा के किसी कार्यकर्ता ने पार्टी के लिए जान दी है तो हम उनके परिजनों को सम्मानित क्यों नहीं कर सकते? हम प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण जैसे कार्यक्रम में उनको आमंत्रित क्यों नहीं कर सकते?’