उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन टूटने के संकेत मिल रहे हैं. इसका संकेत पहले बसपा की तरफ़ से आया और अब सपा की ओर से. सपा ने ऐलान किया है कि वह उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव अकेले ही लड़ेगी.

ख़बरों के मुताबिक सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है, ‘अगर महागठबंधन (सपा-बसपा का) टूट चुका है तो मैं इस पर गहराई से चिंतन करूंगा. अगर उपचुनाव में महागठबंधन है ही नहीं तो सपा भी अपने बलबूते चुनाव की तैयारी करेगी. राज्य की सभी 11 विधानसभा सीटों पर अकेले उपचुनाव में उतरेगी.’ ग़ौरतलब है कि इस लोक सभा चुनाव में सपा-बसपा ने भारतीय जनता पार्टी से मुकाबले के महागठबंधन किया था. लेकिन साथ चुनाव लड़ने के बावज़ूद दोनों पार्टियां राज्य की सिर्फ़ 18 लोक सभा सीटें ही जीत सकीं.

इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने कहा था, ‘अभी हमने तय किया है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में हम अकेले उतरेंगे. अगर सपा प्रमुख (अखिलेश यादव) आगे कभी अपने राजनीतिक कार्यों में सफल होते हैं तो हम फिर से मिलकर काम करेंगे. लेकिन अगर वे सफल नहीं होते तो हमारे लिए यही ठीक है कि हम अलग-अलग काम करें.’ हालांकि उन्होंने यह भी जाेड़ा था कि सपा प्रमुख और उनके परिवार से राजनीति के इतर उनके संबंध आगे भी जारी रहेंगे.