दिल्ली की एक विशेष अदालत ने टेरर फंडिंग (आतंकवाद के लिए धन जुटाने) के एक मामले कश्मीर के तीन अलगाववादी नेताओं को दस दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं. खबरों के मुताबिक कोर्ट के इस आदेश के बाद इन तीनों नेताओं मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शब्बीर शाह से इस मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पूछताछ करेगी.

इससे पहले मंगलवार को ही इन तीनों नेताओं को एनआईए के विशेष जज राकेश स्याल की अदालत के सामने पेश किया गया था. बंद कमरे में चली उस अदालती कार्रवाई में एनआईए ने विशेष जज से इन तीनों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति मांगी थी. उस पर राकेश स्याल ने दस दिन की हिरासत की मंजूरी दी थी जिसके बाद इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया था.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक टेरर फंडिंग का यह मामला 2008 के मुंबई आतंकी हमले के सरगना और आतंकवादी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईइ से जुड़ा हुआ है. इन पर उसके लिए धन इकट्ठा करने के अलावा पत्थरबाजी की घटनाएं कराने, भड़काऊ भाषण देने के साथ ही अलगाववाद को बढ़ावा देने के आरोप हैं.

इन मामलों में एनआईए ने 30 मई 2017 को कई अलगाववादी नेताओं सहित हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कुछ अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिक रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की थी. इसके बाद बीते साल एनआईए ने हाफिज सईद के अलावा एक अन्य आतंकी सरगना सैयद सलाउद्दीन सहित दस कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. साथ ही बीते साल ही 24 जुलाई को इस मामले में पहली गिरफ्तारी भी की थी.