लोकसभा चुनाव 2019 में सबसे अधिक धन खर्च करने वाले राजनीतिक दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे आगे रही. सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार के लोकसभा चुनाव में कुल 60,000 करोड़ रुपये खर्च हुए. इसका 45 प्रतिशत या कहें 27,000 करोड़ रुपये अकेले भाजपा ने खर्च किए. यह उसके 2014 के आम चुनाव में किए गए खर्च से ज्यादा है. इसके साथ ही सीएमएस ने इस बार के चुनाव को अब तक का सबसे महंगा आम चुनाव बताया है.

रिपोर्ट के मुताबिक 1998 के आम चुनाव के दौरान प्रचार में हुए कुल खर्च का 20 प्रतिशत हिस्सा भाजपा का था. 2019 आते-आते वह चुनाव में सबसे अधिक (45 फीसदी) पैसा लगाने वाली पार्टी बन गई. उधर, 2009 में केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस ने तब के कुल चुनावी खर्चे का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया था. अब यह आंकड़ा 15-20 प्रतिशत हो गया है.

सीएमएस के प्रमुख एन भास्कर राव कहते हैं कि चुनाव में पैसा इसी दर से खर्च होता रहा तो 2024 के लोकसभा चुनाव का चुनावी खर्च एक लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है. बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘सबसे अधिक भ्रष्टाचार चुनावी खर्च में होता है. अगर हम इस पर ध्यान नहीं दे पाए तो भारत में भ्रष्टाचार नियंत्रित नहीं किया जा सकता. जिस स्तर पर पैसा खर्च हो रहा है, उससे हमें डरना चाहिए और यह सोचने पर मजबूर करना चाहिए कि हम कैसे एक मजबूत लोकतंत्र बनाएं.’