पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है. खबरों के मुताबिक ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदुओं को ‘त्याग’, मुसलमानों को ‘ईमान’, ईसाइयों को ‘प्रेम’ और सिखों को ‘बलिदान’ का प्रतीक बताया. साथ ही कहा, ‘इन सबसे मिलकर हमारा हिंदुस्तान बनता है. हम इसकी रक्षा करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘जो हमसे टकराएगा चूर-चूर हो जाएगा.’ इस मौके पर उन्होंने इसे अपना नारा भी बताया.

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने लोगों से यह भी कहा कि उन्हें भाजपा से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि, ‘जितनी तेजी से उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर कब्जा किया है उतनी ही तेजी से वे चले भी जाएंगे.’ शायराना अंदाज में ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूर-ए-खुदा होता है.’

ममता बनर्जी ने बीते कई महीनों से भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रखा है. इधर, लोकसभा चुनाव के नतीजों और उसके बाद उनकी अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद इस रुख में और तेजी दिखी है. इससे पहले उन्होंने ‘जय श्रीराम’ के नारे को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा था. तब उन्होंने कहा था कि भाजपा के लोग यह नारा लगाकर धर्म को राजनीति के साथ मिलने की कोशिश कर रही है. इससे लोगों में ‘नफरत की विचारधारा का प्रचार-प्रसार’ हो रहा है. दरअसल पिछले दिनों पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर ममता बनर्जी के काफिले को देखकर कथित भाजपा समर्थकों द्वारा ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं.