उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गठबंधन टूटने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. खबरों के मुताबिक बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने इस गठबंधन को ‘प्रयोग’ बताया. साथ ही कहा, ‘मैं विज्ञान का छात्र रहा हूं. विज्ञान में कई प्रयोग कामयाब नहीं हो पाते. उसके असफल होने पर हम उसकी कमियों पर विचार करते हैं.’

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने यह भी कहा, ‘जब सपा-बसपा में गठबंंधन हुआ था तो उस वक्त मैंने मायावती जी के सम्मान को अपना सम्मान बताया था. मैं आज भी तब कही बात पर कायम हूं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जहां तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव की बात है तो सभी दलों के लिए इसका रास्ता खुला हुआ है. सपा भी अपने नेताओं से अच्छी तरह विचार-विमर्श करके इस संबंध में आगे की योजना तैयार करेगी.’

इससे पहले इसी मंगलवार को बसपा प्रमुख मायावती ने दोनों पार्टियों के गठबंधन को ‘अस्थायी’ रूप से तोड़ने की घोषणा की थी. तब उन्होंने यह भी कहा था कि अगर भविष्य में बसपा को लगा कि अखिलेश यादव अपने कार्यों में सफल हो रहे है तो दोनों दल फिर से एकजुट होकर काम कर सकते हैं. लेकिन यदि ऐसा नहीं होता तो दोनों पार्टियों के लिए अलग-अलग रहकर काम करना ही बेहतर रहेगा. उसी दौरान मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों पर अकेले उपचुनाव लड़ने की बात भी कही थी.