‘गैरजरूरी टिप्पणियां करने वालों का कोई धर्म नहीं होता’  

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार ने यह बात पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गिरिराज सिंह पर पलटवार करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘कुछ लोगों ने मीडिया में बने रहने के लिए गैर जरूरी टिप्पणियां करने की आदत बना ली है.’ इसके साथ ही नीतीश कुमार ने यह भी कहा, ‘हर धर्म एक-दूसरे के प्रति आदर और प्रेम की सीख देता है. हम सब को एक साथ मिल-जुलकर काम करना है. ऐसे में एक-दूसरे के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.’ इससे पहले मंगलवार को गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार की एक इफ्तार पार्टी को लेकर उन पर तंज कसा था.

‘मोदी सरकार को देश के सभी किसानों का कर्जा माफ करना चाहिए.’  

— कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर कही है. इसी चिट्ठी से उन्होंने किसानों की कर्जमाफी को ‘कड़वी गोली’ बताया. साथ ही कहा, ‘देश के अधिकांश अन्नदाता (किसान) भारी कर्ज के दबाव में है. इसकी वजह से कई किसानों ने आत्महत्या करने जैसे अतिवादी कदम भी उठाए हैं.’ कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह भी कहना है, ‘पंजाब सरकार ने अपने दम पर राज्य के लघु और सीमांत किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया है. लेकिन यह नाकाफी है. ऐसे में केंद्र सरकार को भी इसमें मदद करनी चाहिए.’


‘कई बार प्रयोग सफल नहीं होते हैं.’  

— अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

अखिलेश यादव ने यह बात उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन के टूटने को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने खुद को ‘विज्ञान का छात्र’ बताया. साथ ही कहा, ‘विज्ञान में कई बार प्रयोग सफल नहीं हो पाते और उनके असफल होने पर उसकी कमियों पर विचार किया जाता है.’ इसके साथ ही अखिलेश यादव का यह भी कहना था, ‘जब सपा-बसपा के बीच गठबंधन हुआ था तो उस वक्त मैंने बसपा अध्यक्ष मायावती के सम्मान को अपना सम्मान बताया था. मैं उस बात पर आज भी कायम हूं.’


‘जो हमसे टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा.’  

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी ने यह बात ईद के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर उन्होंने हिंदुओं को ‘त्याग’, मुसलमानों को ‘ईमान’, ईसाइयों को ‘प्रेम’ और सिखों को ‘बलिदान’ का प्रतीक भी बताया. साथ ही कहा, ‘इन सबसे मिलकर हमारा हिंदुस्तान बनता है और हम इसकी रक्षा करेंगे.’ इसके साथ ही ममता बनर्जी ने लोगों को भाजपा से भयभीत नहीं होने की बात भी कही. उनका कहना था, ‘जितनी तेजी से उन्होंने (भाजपा) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर कब्जा किया है उतनी ही तेजी से वे वापस भी चले भी जाएंगे.’


‘जैसे कोई सांड लाल रंग देखकर भड़क उठता है वैसे ही ममता बनर्जी भी जय श्रीराम के नारे से गुस्सा हो जाती हैं.’  

— अजय भट्ट, भाजपा के सांसद

अजय भट्ट ने यह बात एक बातचीत के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को नारा लगाने का अधिकार है. इसके साथ ही सवालिया लहजे में उनका यह भी कहना था, ‘मैं नहीं जानता कि ममता बनर्जी को रामचंद्र से इतनी घृणा क्यों है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने एक वीडियो देखा था जिसमें लोग जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे. तब नारे लगाने वाले लोगों के सामने ममता बनर्जी ऐसा व्यहार कर रही थीं जैसे किसी ने मधुमक्खी के छत्ते को छू लिया हो.’