उत्तराखंड के वित्त और विधायी कार्य मंत्री प्रकाश पंत का लंबी बीमारी के बाद बुधवार को अमेरिका में निधन हो गया. वे 58 साल के थे. उनके निधन पर उत्तराखंड में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और इसी राज्य से ताल्लुक़ रखने वाले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने पंत के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

पिथौरागढ़ से विधायक प्रकाश पंत को उत्तराखंड सरकार में बेहद महत्वपूर्ण और ज्ञानवान सदस्य के रूप में जाना जाता था. राज्य सरकार में उनके पास और भी कई महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा था. साल 2017 में राज्य में भाजपा के सत्ता में आने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी शामिल माना जा रहा था.

साल 2000 में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के अलग होने के बाद पंत राज्य विधानसभा के पहले अध्यक्ष बने थे. उनकी राजनीतिक यात्रा 1977 में शुरू हुई थी. वह 1988 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने. फिर 2002 और 2007 में उन्होंने लगातार दो बार पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की. लेकिन 2012 में वह हार गए. हालांकि 2017 में फिर उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज़ की थी.