विदेश मंत्री एस जयशंकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयाेग संगठन (सार्क) पर सवाल उठाया है. इसमें ख़ास तौर पर पाकिस्तान की सदस्यता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए विदेश मंत्री ने कहा, ‘सार्क में बड़ी समस्या है. उसके बारे में सब (सदस्य देश) जानते हैं.’ इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बार के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों को न बुलाए जाने का भी बचाव किया.

विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुताबिक, ‘उसमें पाकिस्तान के लिए साफ संदेश था, जो सार्क का सदस्य तो है लेकिन बिम्सटेक का नहीं.’ याद दिला दें कि इस बार नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम) सदस्य देशों को बुलाया गया था. जबकि 2014 के इस समारोह में सार्क देशों के सदस्य बुलाए गए थे.

विदेश मंत्री ने दिल्ली में एक सेमिनार के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों में बसे भारतीयों को भरोसा भी दिलाया कि उनकी पूर्ववर्ती सुषमा स्वराज ने लोगों को त्वरित और लगातार सहयोग देने का जो सिलसिला शुरू किया था वह जारी रहेगा. उन्हाेंने कहा, ‘आज दूसरे देशों में बसे भारतीय ये अपेक्षा करते हैं कि भारत सरकार उनकी मदद करेगी. इससे विदेश मंत्रालय की छवि पूरी तरह बदल गई है.’

एक अन्य ख़बर के मुताबिक विदेश मंत्री जयशंकर ने गुरुवार को ही फ्रांस और तुर्की के अपने समकक्षों से फोन पर बात की है. इसमें द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया. विदेश मंत्री ने ख़ुद ट्वीट के जरिए इस बातचीत की जानकारी दी.