भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने नीतिगत ब्याज दर में कटौती का लाभ ग्राहकों को देने के मोर्चे पर बैंकों की स्थिति की गुरुवार को सराहना की. लेकिन, उन्होंने यह भी कहा है कि बैंकों को नीतिगत दर (रेपो) में कमी का लाभ ग्राहकों को ज्यादा और तेजी से देना चाहिए.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद परंपरागत संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘नीतिगत दर में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचने में चार से छह महीने लगते हैं. लेकिन इस बार यह लाभ तेजी से स्थानांतरित होना चाहिए.’ मौद्रिक नीति समिति ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्वैमासिक समीक्षा में रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.75 प्रतिशत कर दिया है. लगातार तीन बार में केंद्रीय बैंक नीतिगत दर में 0.75 प्रतिशत की कटौती कर चुका है.

शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों ने इससे पिछली दो मौद्रिक समीक्षाओं में ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत कटौती में से 0.21 प्रतिशत का लाभ उपभोक्ताओं को दिया है. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आगे चलकर उपभोक्ताओं को नीतिगत कटौती का अधिक ऊंचा और अधिक तेजी से लाभ मिलेगा. गवर्नर ने कहा कि इसका प्रभाव उपभोक्ता और दोपहिया ऋण में मिल पाएगा.