भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को ईएमआई चुकाने वाले कर्जदारों के लिए राहत का एलान किया है. केंद्रीय बैंक ने अपने नीतिगत रुख को नरम रखते हुए रेपो दर छह फीसदी से घटाकर 5.75 फीसदी कर दी. वहीं, रिवर्स रेपो दर 5.50 फीसदी रखी गई है. इस एलान के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ‘नीतिगत दर में कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचने में चार से छह महीने लगते हैं. लेकिन इस बार यह लाभ तेजी से स्थानांतरित होना चाहिए.’ वहीं, उन्होंने रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) व्यवस्था के जरिये लेन-देन पर लगने वाले शुल्क को खत्म करने का भी एलान किया. शक्तिकांत दास ने बताया कि आरबीआई की तरफ से इस संबंध में सभी बैंकों को हफ्ते भर में निर्देश भेज दिया जाएगा.

कार और बाइक के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में 21 फीसदी तक की बढ़ोतरी

इस महीने की 16 तारीख से कार और बाइक जैसे वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (टीपीआई) प्रीमियम चुकाने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी जेब और अधिक ढीली करनी पड़ेगी. इससे पहले इसकी दरों में प्रत्येक साल एक अप्रैल से बदलाव किया जाता था. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इन वाहनों के लिए टीपीआई की प्रीमियम दरों में 21 फीसदी तक इजाफा किया गया है. इस बारे में बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने बताया कि 1,000 सीसी तक छोटी कारों के प्रीमियम में 12 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. यानी अब इन वाहनों के लिए 1,850 रुपये की जगह 2,072 रुपये चुकाने होंगे. वहीं 1,000 से 1,500 सीसी कारों के लिए बीमा शुल्क में 12.5 फीसदी इजाफा होने से यह 3,221 रुपये हो गया है. हालांकि, 1,500 सीसी से ऊपर की क्षमता वाले वाहनों के प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. दूसरी ओर, 75 सीसी तक के दोपहिया वाहनों के लिए प्रीमियम 482 रुपये और 150 सीसी तक के लिए 752 रुपये तय किया गया है. इनके अलावा 150-350 सीसी वाली बाइक का प्रीमियम 985 रुपये से बढ़ाकर 1,193 रुपये कर दिया गया है. वहीं, ई-रिक्शा को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है.

हिंदी सीखने के मामले में तमिलनाडु दक्षिण भारत के अन्य राज्यों के मुकाबले अव्वल

एक ओर जहां तमिलनाडु स्थित डीएमके पार्टी केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिंदी भाषा थोपने का आरोप लगा रही है तो दूसरी ओर, तमिलनाडु के लोग हिंदी भाषा सीखने में दक्षिण के अन्य राज्यों से कहीं आगे हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के हिंदी पाठ्यक्रमों में नामांकन कराने वालों में सबसे अधिक इस राज्य से हैं. इस संस्था की स्थापना महात्मा गांधी ने साल 1918 में दक्षिण भारत में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए की थी. बताया जाता है कि पिछले साल सभा की परीक्षा में चेन्नई से 1.6 लाख छात्र शामिल हुए थे. यह संख्या साल 2009 के मुकाबले करीब छह गुना अधिक है. वहीं, इस दौरान तमिलनाडु क्षेत्र से शामिल होने वालों की संख्या 1.5 लाख से बढ़कर 4.2 लाख पहुंच गई है. दूसरी ओर, दक्षिण भारत के अन्य राज्यों को देखें तो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए संयुक्त रूप से यह आंकड़ा 2.38 लाख रहा है. इसके अलावा कर्नाटक में 42,005 और केरल में 20,005 लोग दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा की परीक्षा में शामिल हुए. इस सभा के महासचिव एस जयराज ने बताया कि उनके छात्रों में स्कूली बच्चों के अलावा नौकरीपेशा और बेरोजगार भी शामिल हैं.

अब बंगाली लोग फर्श साफ कर रहे हैं और लड़कियां मुंबई के बार में डांस करती हैं : राज्यपाल, मेघालय

मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने बंगाली समुदाय को लेकर एक विवादित बयान दिया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि बंगाल कभी महान हुआ करता था लेकिन, अब उसकी महानता चली गई है. राज्यपाल ने आगे कहा, ‘अब बंगाली लोग फर्श साफ कर रहे हैं और बंगाली लड़कियां मुंबई के बार में डांस करती हैं.’ उधर, तथागत रॉय के इस बयान पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपना विरोध जताया है. पार्टी सांसद काकोली घोष ने इसके खिलाफ धरने का नेतृत्व किया. वहीं, ट्विटर पर भी राज्यपाल को अपने इस बयान के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

पश्चिम बंगाल : भाजपा के विजय जुलूसों पर रोक

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच टकराव लगातार बढ़ता हुआ दिख रहा है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भाजपा के विजय जुलूसों को इजाजत नहीं दिए जाने की बात कही है. वहीं, ममता बनर्जी ने भाजपा पर हिंसा भड़काने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सूचनाएं हैं कि भाजपा ने विजय जुलूसों के नाम पर हुगली, बांकुरा, पुरुलिया और मिदनापुर जिलों में अव्यवस्था फैलाई है. अब से एक भी विजय जुलूस नहीं निकलेगा क्योंकि, लोकसभा चुनाव के नतीजों का एलान हुए 10 दिन से अधिक हो गए हैं.’ साथ ही, मुख्यमंत्री ने पुलिस को इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

वाजपेयी का आवास अब अमित शाह का नया पता!

नई दिल्ली के कृष्णा मेनन मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 6-ए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आवास रहा है लेकिन, अब यह गृह मंत्री अमित शाह का नया पता होगा. दैनिक जागरण ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. वाजपेयी साल 2004 में इस बंगले में आए थे. बताया जाता है कि पिछले साल उनके निधन के बाद यह बंगला खाली कर दिया. मध्य दिल्ली में स्थित यह बंगला सुरक्षा के लिहाज से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के दायरे में आता है. इससे पहले राज्यसभा सदस्य के रूप में अमित शाह को अकबर रोड स्थित बंगला नंबर-11 आवंटित किया गया था. साल 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद फैसला लिया था कि दिल्ली में किसी नेता के अधिकार में रहा सरकारी बंगला उसके निधन के बाद स्मारक में तब्दील नहीं किया जाएगा.