बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के प्रशासकों की समिति (सीओए) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कृपाण के चिह्न वाले विकेटकीपिंग दस्तानों का उपयोग जारी रख सकते हैं. यह चिह्न सेना से जुड़ा नहीं है.
सीओए के प्रमुख विनोद राय ने बताया कि उन्होंने इस बाबत आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) काे पत्र लिखा है. इसमें आग्रह किया है कि महेंद्र सिंह धोनी को कृपाण के चिह्न वाले विकेटकीपिंग दस्तानों के साथ ही खेलने की मंज़ूरी दी जाए. ग़ौरतलब है कि बीती पांच जून को भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्वकप टूर्नामेंट का अपना पहला मैच दक्षिण अफ्रीका के साथ खेला था. इस दौरान धोनी जो विकेटकीपिंग दस्ताने पहनकर मैदान में उतरे उन पर कृपाण का चिह्न बना हुआ था. यह भारतीय सेना के प्रतीक चिह्न जैसा लग रहा था.
इसके बाद आईसीसी ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर कहा था कि महेंद्र सिंह धोनी को भारत के आगामी मैचों के दौरान ये दस्ताने इस्तेमाल न करने के लिए कहा जाए. इस संदर्भ में आईसीसी ने उन नियमों का हवाला दिया जो खिलाड़ियों को मैच के दौरान ‘राजनीतिक, धार्मिक, जातीय गतिविधियों या किसी उद्देश्य के लिए संदेश का प्रदर्शन करने से रोकते हैं.’ ज़वाब में बीसीसीआई-सीओए ने कहा है, ‘इसमें (धोनी के दस्तानों) व्यावसायिक या धार्मिक जैसा कोई मामला नहीं है. धोनी ने आईसीसी के नियमों को उल्लंघन नहीं किया है.’
राय ने फोन पर समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘बीसीसीआई-सीईओ (राहुल जोहरी) ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारत के मैच से पहले इंग्लैंड पहुंच रहे हैं. वे आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगे.’ भारत का ऑस्ट्रेलिया के साथ मुकाबला नौ जून को है. विश्वकप टूर्नामेंट में यह भारत का दूसरा मुकाबला है. भारत पहला मैच दक्षिण अफ्रीका से जीत चुका है.
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