थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनवात्रा को भ्रष्टाचार के एक मामले में दो साल की कैद की सजा सुनाई गई है. देश के सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें अवैध रूप से एक लॉटरी कार्यक्रम चलाने का दोषी पाया. पीटीआई के मुताबिक थाकसिन शिनवात्रा ने एक दशक पहले अपने कार्यकाल के दौरान इस लॉटरी कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इससे थाईलैंड सरकार को करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था.

इससे पहले बीते अप्रैल में भी शिनवात्रा को बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई जा चुकी है. उन्होंने अपने कार्यकाल में थाईलैंड के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक से म्यामांर को कर्ज दिलवाया था. लेकिन बाद में पता चला कि इस कर्ज का इस्तेमाल उस उपग्रह संचार कंपनी को भुगतान करने में किया गया और जिसका मालिकाना हक उनके और उनके परिवार के पास है.

साल 2006 में थाकसिन शिनवात्रा की गद्दी एक सैन्य तख्तापलट के जरिये चली गई थी और इस दौरान ही उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. 2008 में वे थाईलैंड छोड़कर भाग गए थे. माना जाता है कि अब वे दुबई में रह रहे हैं.