महेंद्र सिंह धोनी के कृपाण के चिह्न वाले विकेटकीपिंग दस्तानों को लेकर उठे विवाद में उन्हें देश भर में बड़ा समर्थन मिलता दिख रहा है. केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू और खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों ने इस मुद्दे पर महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन किया है.
इस मामले पर किरण रिजिजू ने अपने ट्विटर हैंडल पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘यह देश की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है, देश के हित का ध्यान रखा जाना चाहिए. मैं बीसीसीआई से महेंद्र सिंह धोनी के संबंध में सही कदम उठाने का अनुरोध करूंगा.’
आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपरकिंग्स से खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना के अलावा पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह, लंदन ओलंपिक कांस्य पदकधारी पहलवान योगेश्वर दत्त और भारतीय धाविका हिमा दास ने भी धोनी का समर्थन किया है.
सुरेश रैना ने ट्वीट किया, ‘हम सभी को अपने देश से प्यार है और महेंद्र सिंह धोनी ने भी यही किया है, वह हमारे नायकों के बलिदान को सलामी दे रहे हैं और उनका सम्मान कर रहे हैं. इसे देशभक्ति के रूप में लिया जाना चाहिए और राष्ट्रवाद के रूप में नहीं. ’
योगेश्वर दत्त ने कहा कि इस चिन्ह को हटाना भारतीय सेना का अपमान होगा. उन्होंने लिखा, ‘आईसीसी द्वारा इस बैज को हटाने की मांग भारतीय सेना के बलिदान का ही अपमान नहीं होगा बल्कि भारतीय सेना का भी अपमान होगा.’ हिमा दास ने कहा, ‘भारत धोनी भाई के साथ है. मैं माही भाई का समर्थन करती हूं. जय हिंद जय भारत.’
आरपी सिंह ने लिखा, ‘मेरे लिये यह समझना मुश्किल है कि महेंद्र सिंह धोनी के मैदान पर दस्ताने में इस चिन्ह को लगाने से आईसीसी को क्या समस्या हो सकती है. उनके प्रशंसक इससे प्रेरित होते हैं और वह खुद ही लेफ्टिनेट कर्नल है, यह बहुत हैरानी की बात है.’
हालांकि पूर्व भारतीय फुटबाल कप्तान बाईचुंग भूटिया का मानना है कि धोनी को नियमों का पालन कर इसे हटा देना चाहिए. भूटिया ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘एक खिलाड़ी को नियम और दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए. अगर यह इसके खिलाफ है तो धोनी को इसे नहीं पहनना चाहिए.’
क्या है मामला?
बीते बुधवार को भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के दौरान धोनी कृपाण चिन्ह वाले विकेटकीपिंग दस्ताने पहनकर मैदान में उतरे थे, कृपाण का यह चिन्ह भारतीय सेना के प्रतीक चिन्ह जैसा लग रहा था. क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने इसे लेकर आपत्ति जताई. उसने बीसीसीआई से धोनी को अपने दस्ताने से चिन्ह हटाने के लिये कहा था. इस संदर्भ में उसने अपने उन नियमों का हवाला दिया जो किसी खिलाड़ी को राजनीतिक, धार्मिक या जातीय गतिविधियों या किसी उद्देश्य के लिये संदेश का प्रदर्शन करने से रोकते हैं.
हालांकि, बीसीसीआई ने आईसीसी से चिन्ह न हटवाने का औपचारिक अनुरोध किया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित बीसीसीआई प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने आईसीसी से कहा है कि यह चिन्ह भारतीय सेना से जुड़ा नहीं है.
पीटीआई के मुताबिक अब आईसीसी की क्रिकेट परिचालन टीम इस मामले की चर्चा विश्व कप की टूर्नामेंट तकनीकी समिति से करेगी. इसके बाद बीसीसीआई को साबित करना होगा कि यह चिन्ह सेना का नहीं है, तभी धोनी को इसे पहनने की अनुमति दी जायेगी.
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