टीम इंडिया के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों पर भारतीय सेना के ‘बलिदान बैज’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की आपत्ति पर सोशल मीडिया में भी जमकर बहस हो रही है. यहां ज्यादातर भारतीयों ने महेंद्र सिंह धोनी का समर्थन करते हुए आईसीसी की आलोचना की है. पत्रकार आदित्य राज कौल का ट्वीट है, ‘महेंद्र सिंह धोनी के बलिदान बैज पर आईसीसी का रुख बचकाना है. यह फैशन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि इसका प्रतीकात्मक महत्व है... आईसीसी ने भारतीय सेना का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान किया है.’

इसके साथ ही यहां आईसीसी पर चुटकियां भी ली गई हैं. हालांकि ऐसा नहीं है कि यहां सभी लोग धोनी के समर्थन में ही हैं. फेसबुक पर दीपांकर पटेल ने सवाल उठाया है,‘एक छोटी सी बात है समझिये! कल को पाकिस्तानी टीम सेना की वर्दी पहनकर क्रिकेट खेलने लगी तो किसी को ऐतराज तो नहीं होगा न?’ सोशल मीडिया में इस बहस पर आई कुछ दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

सागर |‏ @sagarcasm

आईसीसी : माफ कीजिए, हम धोनी को ‘बलिदान बैज’ वाले ग्लव्ज पहनने की अनुमति नहीं दे सकते.
बीसीसी :

माणक गुप्ता | @manakgupta

अगर धोनी के शरीर पर बना ऐसा टैटू सबको दिखता तब क्या होता?

गब्बर | @GabbbarSingh

धोनी अपना एक ग्लव उतारें और आईसीसी को क्रिकेट प्रशासन से रन आउट कर दें.

सोनिया सिंह | @soniandtv

अगर क्रिकेटर स्पॉन्सर लोगो अपने कपड़ों पर लगा सकते हैं तो धोनी अपनी रेजीमेंट का लोगो क्यों नहीं लगा सकते?

सतीश आचार्य | @satishacharya

आईसीसी को धोनी की गुगली :

आकाश बब्बर | @Akashbabbar321

पहली तस्वीर - कमजोर अंपायरिंग पर आईसीसी.
दूसरी तस्वीर - धोनी के बलिदान बैज पर आईसीसी.

धोनीइज्म | @DHONIism

आप सेना के प्रतीक को तो धोनी के पैड, कैप, बैट या जर्सी से हटा दोगे... लेकिन आप लेफ्टिनेंट कर्नल एमएस धोनी के दिल से उनके देश के लिए प्यार नहीं हटा सकते.