उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची की हत्या के एक आरोपित पर पांच साल पहले अपनी बेटी के बलात्कार का आरोप लग चुका है. उस समय उसकी बेटी सात साल की थी. खबर के मुताबिक वह उस मामले में जमानत पर बाहर था.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक आरोपित के खिलाफ कुल चार मामले लंबित हैं. इनमें बलात्कार और महिला के सम्मान को नुकसान पहुंचाने के आरोप से जुड़े मामले शामिल हैं. अखबार ने बताया कि 2014 में असलम के एक रिश्तेदार ने उसके खिलाफ अपनी ही बेटी से बलात्कार करने का आरोप लगाया था. कुछ महीने पहले उसे जमानत मिली थी.

उधर, ढाई साल की बच्ची की हत्या के मामले में पीड़ित मां ने अखबार को बताया कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा, ‘सुबह 8.30 बजे के आसपास वह बाहर खेल रही थी. वह बहुत चंचल थी. उन लोगों ने हमारे घर के सामने से उसे उठा लिया. हमने ध्यान नहीं दिया क्योंकि वह अक्सर पड़ोस में खेलने चली जाती थी. जब वह वापस नहीं आई तो हम परेशान हो गए और उसे ढूंढने लगे. पुलिस ने पहले ही दिन ठीक से काम नहीं किया.’

इसके अगले दिन रविवार को सुबह बच्ची का शव कचरे के ढेर के पास मिला. उस समय उसे कुत्तों ने घेर रखा था. खबर के मुताबिक बच्ची का शव एक चुन्नी में लिपटा हुआ था. अपनी बेटी के इस तरह जाने के बाद सदमे से बेहाल पिता का कहना है, ‘मुझे कुछ नहीं बस इंसाफ चाहिए. हो सकता है उसका बलात्कार भी किया गया हो.’

उधर, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने कहा, ‘पूरा समाज इस वारदात से दुखी है. हमने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है. एक सर्किल ऑफिसर और अन्य अधिकारियों के साथ विशेषज्ञों की टीम बनाई है. हम इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे ताकि जल्द से जल्द इंसाफ हो सके.’

इस बीच स्टेशन हाउस अधिकारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ जांच बिठा दी गई है. उधर, पीड़ित परिवार के हवाले से सोशल मीडिया पर बच्ची से रेप का दावा किया जा रहा है. हालांकि पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के हवाले से इसे खारिज कर रही है. हंगामे के बीच उसने एक और टेस्ट करवाया है जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.