भारतीय सेना में सूबेदार के तौर पर सेवाएं दे चुके मोहम्मद सनाउल्लाह को शनिवार को डिटेंशन सेंटर (हिरासत कैंप) से रिहा कर दिया गया. इससे पहले इसी शुक्रवार को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश दिए थे. खबरों के मुताबिक मोहम्मद सनाउल्लाह को 20 हजार रुपये के मुचलके और दो स्थानीय जमानतदारों के आश्वासन पर यह रिहाई मिली है. इसके अलावा कोर्ट ने उन्हें रिहा करने से पहले संबंधित विभागों को उनकी उंगलियों के छाप लेने के लिए भी कहा है. साथ ही उन्हें असम के कामरूप के ग्रामीण और शहरी इलाकों को छोड़कर दूसरी जगह नहीं जाने की हिदायत भी दी है.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) में मोहम्मद सनाउल्लाह का नाम न शामिल हो पाने की वजह से उन्हें ‘विदेशी’ घोषित कर दिया गया था. इसके बाद एक न्यायाधिकरण ने उन्हें एक हिरासत कैंप में नजरबंद करने के आदेश दिए थे. इस दौरान अपनी नागरिकता को लेकर उन्होंने सेना को दी गई सेवाओं का हवाला देते हुए गुवाहाटी हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी. इसी शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत को मंजूरी देते हुए उन्हें राहत दी थी. साथ ही इस मामले में केंद्र और असम की राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया था.