भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार देश की ट्रेनों में अब मसाज की सुविधा भी मिल सकेगी. और यह सुविधा प्लेफॉर्म पर खड़ी हुई ट्रेनों में नहीं बल्कि चलती हुई ट्रेनों में उपलब्ध करवाई जाएगी. रेलवे के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश के इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में यह सुविधा मिलेगी. इंदौर पश्चिम रेलवे के रतलाम डिवीजन में आता है और यह प्रस्ताव इसी डिवीजन ने तैयार किया था.

पीटीआई के मुताबिक बीते दिनों रेलवे ने सभी जोन और डिवीजन कार्यालयों से कहा था कि वे किराए से इतर विभाग की आमदनी बढ़ाने के लिए नई सुविधाओं के बारे में सोचें. यह प्रस्ताव इसी कवायद के तहत तैयार किया गया था.

रेलवे बोर्ड के मीडिया निदेशक राजेश बाजपेयी ने बताया है, ‘चलती हुई ट्रेनों में यात्रियों के सफर को और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे के इतिहास में पहली बार इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है. इससे न सिर्फ रेलवे की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी आकर्षित किया जा सकेगा. रेलवे को इससे सालाना 20 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी और अनुमान है कि अगर 20 हजार यात्री इस सुविधा का लाभ लेते हैं तो रेल टिकट की बढ़ी हुई बिक्री की वजह से 90 लाख रुपये प्रतिवर्ष की आमदनी होगी.’ रेलवे के मुताबिक यात्रियों से पैरों और सिर की मसाज के लिए 100 रुपये का शुल्क लिया जाएगा.