इसी हफ्ते पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद आई खबरों में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर सकते हैं. उन खबरों पर अब जेडीयू के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी प्रतिक्रिया आई है. खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा है कि इस बारे में उन्हें फिलहाल कोई जानकारी नहीं है.

उनका यह भी कहना है, ‘इसी रविवार को जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है. उसमें प्रशांत किशोर इस संबंध में जवाब देंगे.’ इसके साथ ही नीतीश कुमार ने यह भी कहा, ‘प्रशांत किशोर बीते साल जेडीयू से जुड़े थे. जेडीयू में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनकी एक एजेंसी भी है जो उनके निदेर्शों के मुताबिक काम करती है. वह एजेंसी किन लोगों के लिए काम करती है इस बारे में सिर्फ वही जानते हैं. इसपर मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि उस एजेंसी का हमारी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है.’

बीते महीने हुए लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी करवाए गए थे. तब आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी ने भारी जीत दर्ज की थी. इसी हफ्ते ऐसी खबरें भी आई थीं जिनमें रेड्डी की जीत के पीछे प्रशांत किशोर की रणनीति की मुख्य भूमिका होने की बात कही गई थी. वैसे यह पहला मौका नहीं था जब प्रशांत किशोर की बनाई रणनीति के दमपर किसी नेता ने चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की हो. इससे पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी रणनीति बनाई थी.

प्रशांत किशोर के पिछले अनुभवों और उनकी तरफ से दिए नतीजों को देखते हुए ममता बनर्जी ने उनसे संपर्क किया था. साथ ही 2021 के पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए रणनीति तैयार करने की बात कही थी. इसके बाद उस मुलाकात पर प्रशांत किशोर की भी प्रतिक्रिया आई थी. तब उन्होंने कहा था, ‘मैं 2021 को एक चुनौती के रूप में देखता हूं और मुझे यह चुनौती स्वीकार है.’