झारखंड के खाद्य मंत्री सरयू राय ने 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की भूख से मौत होने के आरोपों की जांच के लिए शव को खोद कर निकालने और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं. स्थानीय मीडिया में खबरें आई थीं कि जिले के लुरगुमी काला गांव के रहने वाले रामचरण मुंडा की बुधवार को भूख से मौत हो गई. पिछले दो माह से उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा था.

झारखंड के खाद्य मंत्री सरयू राय ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इन आरोपों को उन्होंने गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के दौरान प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं. राय ने कहा, ‘अगर आरोप सही हैं और अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे नियम के अनुसार सजा मिलेगी.’ उन्होंने कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी, इसमें दो माह से राशन नहीं दिए जाने का आरोप भी शामिल है.

हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है. जिले के महुआदंड ब्लॉक के उप मंडलीय मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार दास ने कहा कि मुंडा की मौत भूख से नहीं हुई और उनके परिवार को वह सभी सुविधाएं मिल रही हैं जिसके वे हकदार हैं. दास ने बताया कि स्थानीय राशन विक्रेता की तीन माह पहले मौत हो गई थी और उसके बाद उनकी पत्नी ने गांव में जन वितरण प्रणाली की जिम्मेदारी संभाल ली है. दास ने कहा कि मुंडा और उसके परिवार को दो हजार रुपए और 50 किलो चावल दिए गए थे. स्थानीय मीडिया में मौत की खबर आने के बाद अनेक नेता मुंडा के घर गए थे और राजनीतिक हलकों में इस पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.