श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने ‘मुस्लिम प्रभाकरण’ के सिर उठाने को लेकर चेतावनी देते हुए देश में सभी समुदायों के बीच एकता का आह्वान किया. उन्होंने देश में ईस्टर पर वीभत्स आतंकवादी हमल के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हो हमलों की भी आलोचना की.

कभी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के गढ़ रहे मुल्लैतिवु में बोल रहे मैत्रीपाला सिरिसेना ने माना कि देश अब विभाजित हो गया हैं. उन्होंने शनिवार को कहा कि आज देश के धार्मिक नेता और नेता विभाजित हो गए हैं. कोलंबो गजट की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ने जनता से ‘मुस्लिम प्रभाकरण’ के सिर उठाने के लिए कोई भी गुंजाइश न छोड़ने का अनुरोध किया. उन्होंने आगाह किया, ‘अगर हम विभाजित और अलग हो जाते हैं तो पूरा देश हार जाएगा. एक और युद्ध शुरू हो जाएगा.’ सिरिसेना उन नेताओं पर भी बरसे जिनका ध्यान इस साल होने वाले चुनावों पर है न कि देश पर.