उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के टप्पल गांव में ढाई साल की बच्ची की बर्बरतापूर्ण हत्या को लेकर रविवार को तनाव भड़क गया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. टप्पल में सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी और धारा 144 के बीच सैकड़ों लोगों ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की. वहीं, निषेधाज्ञा तोड़ने के आरोप में आठ को गिरफ्तार किया गया है. उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय से मृतक बच्ची के पिता की तीन बार बात भी कराई गई. हालांकि, उन्होंने कहा, ‘हम किसी से मिलने कहीं नहीं जाएंगे. पीएम हो या सीएम जिसे आना है, यहां आए.’

एनआरसी रद्दी कागज है : तरुण गोगोई

असम के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने पूर्व सैनिक मोहम्मद सनाउल्लाह मामले को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इस मामले में सर्बानंद सोनोवाल की सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया. इससे पहले असम बॉर्डर पुलिस ने अपनी जांच में सनाउल्लाह को विदेशी घोषित कर उन्हें हिरासत में ले लिया था. इस मामले के जरिए तरुण गोगोई ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ‘एनआरसी रद्दी कागज है. लाखों सही नागरिकों के इससे बाहर होने की वजह से यह बेकार साबित होगा.’ पूर्व मुख्यमंत्री का यह भी मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को यह काम सिर्फ सिर्फ राज्य एनआरसी समन्वयक प्रतीक हाजेला पर नहीं छोड़ना चाहिए.

एमआई-17 हेलिकॉप्टर क्रैश मामले में दो अधिकारियों का कोर्ट मार्शल संभव

एमआई-17 हेलिकॉप्टर क्रैश मामले में लापरवाही बरतने के मामले में दो अधिकारियों का कोर्ट मार्शल किया जा सकता है. वायुसेना का यह हेलिकॉप्टर श्रीनगर के पास 27 फरवरी को क्रैश हुआ था. इसमें मौजूद सभी छह जवानों की मौत हो गई थी. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक श्रीनगर के पास तैनात वायुसेना के एयर डिफेंस सिस्टम ‘एस्पाइडर’ के हमले में ही यह हेलिकॉप्टर निशाना बना था. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इस मामले की एयर कॉमोडोर अधिकारी के स्तर पर जांच पूरी हो चुकी है. लेकिन, अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है. बताया जाता है कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने जवाबी हमला करने की कोशिश की थी. इसी दौरान एमआई-17 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था.

विहिप ने राजनीतिक दलों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीति न करने को कहा

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राजनीतिक दलों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीति न करने को कहा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा, ‘वैसे तो राम मंदिर मुद्दे पर होने वाली दलीय राजनीति से हमें कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन मेरा मानना है कि इस मुद्दे पर किसी भी दल को राजनीति नहीं करनी चाहिए. यह विषय करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है.’ उन्होंने आगे भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना को लेकर कहा, ‘अयोध्या विवाद की वर्तमान स्थिति को देखते हुए शिवसेना को ऐसे रचनात्मक सुझाव देने चाहिए जिससे राम जन्मभूमि पर संवैधानिक दायरे में मंदिर निर्माण की राह प्रशस्त हो सके.’ विष्णु सदाशिव कोकजे ने आगे यह भी कहा कि शिवसेना को यह भी बताना चाहिए कि इस मामले में वह खुद क्या कर रही है. इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 16 जून को अयोध्या जाने की बात कही थी.

गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर ममता बनर्जी सरकार को एडवाइजरी जारी की

गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य की ममता बनर्जी की सरकार को एडवाइजरी जारी की है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक इसमें सरकार से राज्य में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा गया है. वहीं, इसके जवाब में सूबे के मुख्य सचिव मलय कुमार डे ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. उनका यह भी कहना था कि हिंसा के मामलों में बिना देरी किए उचित कदम उठाए गए हैं. इससे पहले गृह मंत्रालय ने बशीरहाट के संदेशखाली में हुई हिंसा की रिपोर्ट भी राज्य सरकार से तलब की थी. इस हिंसा में पुलिस ने चार लोगों की मौत की बात कही है. वहीं, भाजपा का दावा है कि इसमें उसके पांच कार्यकर्ता मारे गए.

दिल्ली : न्यूज चैनल की टीम पर हमले के मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित

एबीपी न्यूज चैनल की टीम पर हमले के मामले में लापरवाही बरतने को लेकर दिल्ली पुलिस के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक बीते शनिवार एबीपी के रिपोर्टर और कैमरामैन दफ्तर की कैब से एक हत्या के मामले की कवरेज करने जा रहे थे. इस दौरान बाइक सवार बदमाशों ने एक किलोमीटर तक उनका पीछा किया और कैब पर गोली चला दी. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. वहीं, पीड़ित पत्रकार सिद्धार्थ पुरोहित ने बताया कि घटना के दौरान उन्हें आईएनए मेट्रो स्टेशन के पास पुलिसकर्मी दिखे थे. इसके बाद उन्होंने उससे मदद भी मांगी लेकिन, पुलिसकर्मियों ने उनकी कोई मदद नहीं की.