पश्चिम बंगाल में आम चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा पर सियासी सरगर्मी जारी है. आज पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में राजनीतिक हिंसा और मौजूदा हालात पर एक रिपोर्ट सौंपी. हालांकि राज्यपाल ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है. उधर, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर हिंसा फैलाने और उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वे किसी को भी अपनी सरकार गिराने नहीं देंगी.

बीते शनिवार को पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी. भाजपा का दावा है कि इस दौरान उसके चार कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई. इसके विरोध में पार्टी आज पश्चिम बंगाल में काला दिवस मना रही है. रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बारे में पश्चिम बंगाल सरकार को अडवाइजरी जारी कर कानून और व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जाहिर की थी. इसमें कहा गया कि बीते कुछ दिनों से हो रही हिंसा राज्य में कानून-व्यवस्था लागू करने और लोगों के बीच विश्वास जगाने में व्यवस्था की असफलता को दर्शाती है. केंद्र ने राज्य से कानून व्यवस्था बनाए रखने और शांति स्थापित करने के लिए कहा है. साथ ही उसने अपना काम ठीक से न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी कहा है.

उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने गृह मंत्रालय की अडवाइजरी को खारिज कर दिया है. उसका कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है. राज्य सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा है कि हिंसा के मामलों में उचित और त्वरित कार्रवाई की जा रही है. वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. पार्टी ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि गृह मंत्रालय भाजपा के लिए काम कर रहा है क्योंकि दोनों को एक ही शख्स चला रहा है.