ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि उसके खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ने के बाद अमेरिका खुद को सुरक्षित समझने की गलतफहमी में न रहे.

पीटीआई के मुताबिक सोमवार को जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास की यात्रा के दौरान हुए एक कार्यक्रम में ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने यह बात कही है. जरीफ ने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ही घोषणा की थी कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध छेड़ा है. अब मध्यपूर्व क्षेत्र में तनाव घटाने का एकमात्र समाधान है कि आर्थिक युद्ध को रोका जाए.’ उन्होंने अमेरिका को आगाह करते हुए कहा, ‘हमारे साथ जो भी युद्ध शुरू करेगा, वह उसे खत्म नहीं कर पाएगा.’

इस दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने जोर दिया कि उनका देश और अन्य यूरोपीय देश परमाणु समझौते को बचाने के लिए रास्ता निकालना चाहते हैं. उनका कहना था, ‘हम कोई चमत्कार तो नहीं कर पाएंगे लेकिन इसे असफल होने से बचाने के लिए जो भी बन पड़ेगा, हम प्रयास करेंगे.’

हालांकि, यूरोप ने अमेरिका द्वारा लगायी गयी नयी पाबंदी से निकालने के लिए ईरान को अब तक किसी तरह की पेशकश नहीं की है. समझौते को बचाने के वास्ते यूरोप के लिए ईरान ने सात जुलाई की तारीख निर्धारित की है. अगर सात जुलाई तक कुछ नहीं होता है तो ईरान संवर्धित यूरेनियम में भारी इजाफा करेगा.

बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ताकतों के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से बाहर निकलने का फैसला किया था. इसके बाद ट्रंप ने ईरान के तेल निर्यात पर भी कई तरह के प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी थी. इसके बाद से ही ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.