सोमवार को दिल्ली में तापमान के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए और राष्ट्रीय राजधानी के इतिहास में पहली बार पारा 48 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर रिकॉर्ड किया गया. मौसम की जानकारी देने वाली एजेंसी स्काईमेट ने एक ट्वीट के जरिये आज के दिन को दिल्ली के इतिहास का सबसे गर्म दिन बताया है. इससे पहले इसी महीने की नौ तारीख को दिल्ली के पालम इलाके में 47.8 डिग्री का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था. वह दिन भी दिल्ली के सबसे गर्म दिनों में से एक साबित हुआ था.

इधर, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिनों तक दिल्ली के लोगों को गर्मी से कोई विशेष राहत नहीं मिलने का अनुमान जताया है. आईएमडी ने यह भी कहा है कि इस दौरान दिल्ली को लू (गर्म हवा) के साथ ही धूल भरी आंधी का सामना भी करना पड़ सकता है. इससे पहले इसी रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस तो वहीं अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री मापा गया था जो कि औसत से चार डिग्री अधिक था.

दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई दूसरे इलाकों में पड़ रही इस भीषण गर्मी के पीछे मानसून से पहले होने वाली बारिश में आई 45 फीसदी की कमी को जिम्मेदार माना जा रहा है. वहीं आईएमडी का यह भी कहना है कि गर्म पछुआ हवाओं ने जहां गर्मी बढ़ाई है तो वहीं पश्चिमी विक्षोभ का मैदानी इलाकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. इस वजह से भी जून के महीने में लोगों को ज्यादा तपिश का सामना करना पड़ा है. हालांकि अच्छी बात यह है कि एक सप्ताह की देरी के बाद बीते हफ्ते मानसून केरल में दस्तक दे चुका है. साथ ही अब पूर्वोत्तर के राज्यों में इसके आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन रही हैं.