जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए बलात्कार और हत्या के मामले में विशेष अदालत ने सात में से छह आरोपितों को दोषी ठहराया है. इनमें से तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. वहीं, बाकी तीन दोषियों को पांच-पांच साल कैद की सजा मिली है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इस मामले में एक नाबालिग भी आरोपित है. बताया जाता है कि उस पर मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है.

बीते साल खानाबदोश बकरवाल समुदाय की एक आठ वर्षीय बच्ची का अपहरण हो गया था. एक हफ्ते बाद जंगल से उसका शव बरामद हुआ था. क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के मुताबिक अपहरण के बाद पीड़ित बच्ची को एक मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था. इस दौरान नशीली दवाएं देकर उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया.

अलग-अलग मामलों में आरोपित 12 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया गया

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में आरोपित अपने 12 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त कर दिया है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक इन अधिकारियों में आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त और प्रधान आयुक्त जैसे पदों पर तैनात रहे अधिकारी भी शामिल हैं. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि अधिकारियों को नियम 56-जे के तहत सेवानिवृत किया गया है. खबर के मुताबिक इन अधिकारियों में शामिल संयुक्त आयुक्त रैंक के अधिकारी अशोक अग्रवाल पर कारोबारियों से वसूली और तांत्रिक चंद्रास्वामी की मदद का आरोप रहा है. वहीं, नोएडा के कमिश्नर रहे एसके श्रीवास्तव का नाम भी इस सूची में है. उन पर कमिश्नर रैंक की दो महिला अधिकारियों का यौन शोषण करने का आरोप है.

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने को लेकर कोई बातचीत नहीं : राज्यपाल

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने साफ किया है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने को लेकर उनकी गृह मंत्री के साथ कोई बातचीत नहीं हुई. इससे पहले सोमवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘मैंने पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को अवगत कराया है. मैं इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे सकता.’ वहीं, उन्होंने केंद्र सरकार को किसी तरह की रिपोर्ट सौंपने से भी इनकार किया है. उधर, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर हिंसा फैलाने और उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वे किसी को भी अपनी सरकार गिराने नहीं देंगी.

जवान के साथ मारपीट करने के आरोप में एक मेजर सहित चार सैन्यकर्मियों पर मामला दर्ज

सेना के एक मेजर सहित चार सैन्यकर्मियों पर हत्या का प्रयास और अवैध रूप से बंधक बनाने का मामला दर्ज किया गया है. इन चारों पर सेना के ही एक जवान के साथ मारपीट करने का आरोप है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना बीती तीन जून को पुणे स्थित औध आर्मी स्टेशन पर हुई थी. उन्होंने आगे कहा कि पीड़ित जवान रमेश मोहनराव बिश्नोई ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है. इसमें कहा गया है कि आरोपितों ने उन्हें बैरक में बुलाया और शराब पीने को कहा. जवान के शराब पीने से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई. वहीं, सेना ने भी इस मामले में कोर्ट ऑफ इनक्वायरी शुरू की है.

अश्लील फोटो रखना दंडनीय अपराध नहीं : केरल हाई कोर्ट

केरल हाई कोर्ट ने साफ किया है कि केवल अश्लील फोटो रखना दंडनीय अपराध की श्रेणी में नहीं आता है. इससे महिला के अशोभनीय चित्रण निषेध कानून का उल्लंघन नहीं होता. हालांकि, हाई कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि ऐसी तस्वीर का प्रकाशन और वितरण कानून दंडनीय है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक अदालत ने यह टिप्पणी एक महिला और एक पुरुष के खिलाफ दायर याचिका रद्द करते हुए की. इस मामले पर न्यायाधीश आर विजयराघवन ने कहा, ‘यदि किसी वयस्क पुरुष या महिला के पास एक-दूसरे की फोटो है और वह अश्लील भी है तो उस पर कानूनी प्रावधान लागू नहीं होगा.’

जीरो बैलेंस खाते में सुविधाएं हासिल करने के लिए न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी नहीं : आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को जीरो बैलेंस अकाउंट्स से जुड़े नियमों में ढील दी है. दैनिक जागरण के मुताबिक बैंक अब ऐसे खाताधारकों को चेकबुक तथा अन्य सुविधाएं दे सकेंगे. साथ ही, इन सुविधाओं के बदले बैंक खाताधारकों को न्यूनतम बैलेंस रखने के लिए नहीं कह सकते. इससे पहले जीरो बैलेंस खाते पर अतिरिक्त सुविधाएं देने से वे नियमित बचत खाते बन जाते थे. इससे इनमें न्यूनतम बैलेंस रखना अनिवार्य हो जाता था और अन्य शुल्क भी लागू हो जाते थे. बताया जाता है कि केंद्रीय बैंक द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद अब जीरो बैलेंस खाते में एक महीने में जमा-निकासी की सीमा भी खत्म हो गई है.