प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे. लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा की प्रचंड जीत के बाद यह दोनों नेताओं के बीच होने वाली पहली बैठक होगी. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चीन ने उम्मीद जताई है कि बैठक में दोनों नेता भारत-चीन व्यापार और अमेरिका की ‘संरक्षणवाद’ की नीति के चलते पैदा हुए व्यापारिक टकराव के मुद्दे पर बातचीत करेंगे.

खबर के मुताबिक आगामी सम्मेलन को लेकर चीनी विदेश मंत्राल के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि 12 से 14 जून तक राष्ट्रपति जिनपिंग किर्गिस्तान की राजकीय यात्रा पर होंगे. इस दौरान वे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इससे पहले पिछले सप्ताह चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने कहा था कि दोनों नेता एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान अलग से मुलाकात करेंगे.

उधर, चीन के उप-विदेश मंत्री झांग हनहुई ने कहा, ‘इस मुलाकात से जुड़ी जानकारियों पर अभी बातचीत चल रही है. (लेकिन) मैं मानता हूं कि राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर मुलाकात महत्वपूर्ण है. हम अपनी तरफ से इस मुलाकात को सफल बनाने की पूरी तैयारी करेंगे.’ एससीओ शिखर सम्मेलन 13-14 जून को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाला है. एससीओ चीन के नेतृत्व में आठ सदस्य देशों वाला आर्थिक तथा सुरक्षा ब्लॉक है. भारत और पाकिस्तान 2017 में इस समूह के सदस्य बने थे.