इस बार वैसे भी मानसून आठ दिन की देर से भारत की ज़मीन पर (केरल में) पहुंचा है. पहले उम्मीद की जा रही थी कि यह देर आयद शायद दुरुस्त होगी. मानसून की रफ़्तार पर कोई ब्रेक नहीं लगेगा. लेकिन इस उम्मीद पर कुठाराघात होता दिख रहा है क्योंकि मानसूनी बारिश पर अब ‘वायु’ का ख़तरा मंडराया हुआ है.

मौसम विभाग के मुताबिक लक्षद्वीप के नज़दीक अरब सागर में तूफान उठा है. इसे भारतीय विशेषज्ञों ने ‘वायु’ नाम दिया है. यह तूफान बुधवार तक बड़ा रूप से ले सकता है, यह तूफान फिलहाल गुजरात की तरफ बढ़ रहा है. तपते समुद्र से इसे ताक़त मिल रही है. गुरुवार तक यह भीषण रूप ले सकता है. इस दौरान देश के पश्चिमी समुद्री और तटीय इलाकों में 135 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर तूफानी बारिश भी हो सकती है.

हालांकि इसके बावज़ूद मौसम विभाग का अनुमान यह भी है कि ज़मीन पर इस तूफान से ज़्यादा नुक़सान होने की संभावना नहीं है. अलबत्ता मछुआरों को 13 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह ज़रूर दी गई है. इसके अलावा मानसूनी बारिश पर विपरीत असर पड़ सकता है. मौसम विभाग के वैज्ञानिक डी शिवानंद पई के मुताबिक, ‘तूफान मानसूनी हवाओं से नमी खींच सकता है. इससे मानसूनी बारिश के आगे बढ़ने की रफ़्तार भी 15-16 जून तक थमी रह सकती है.’