केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि अल्पसंख्यक समाज के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अगले पांच वर्षों में पांच करोड़ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी और इनमें आधी लड़कियां होंगी. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था ‘मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान’ (एमएईएफ) की 65वीं जनरल बॉडी की बैठक में यह निर्णय लिए गए.

बैठक के बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सांप्रदायिकता एवं तुष्टिकरण की बीमारी से मुक्ति दिलाकर सेहतमंद, समावेशी, सशक्तिकरण का माहौल तैयार किया है.’ उन्होंने कहा, ‘देश भर के मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए मदरसा शिक्षकों को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा ताकि वे मदरसों में मुख्यधारा की शिक्षा- हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर आदि की शिक्षा दे सकें. यह काम अगले महीने से शुरू कर दिया जायेगा.’

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक- मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी- युवाओं को केंद्र एवं राज्य की प्रशासनिक सेवाओं, बैंकिंग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं हेतु फ्री-कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान के अलवर में विश्वस्तरीय अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा.