आईएलएंडएफएस घोटाले की जांच में सामने आया है कि समूह की वित्तीय सेवा इकाई आईएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएफआईएन) के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने 2012-13 में एक प्रमुख रेटिंग एजेंसी के वरिष्ठ निदेशक को करोड़ों रुपये का एक डूप्लेक्स विला रियायती कीमत पर खरीदने में मदद की थी.

गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की रिपोर्ट के अनुसार, आईएफआईएन के तत्कालीन सीईओ और प्रबंध निदेशक रमेश बावा ने फिच रेटिंग्स, सिंगापुर के एक वरिष्ठ निदेशक को एक डूप्लेक्स विला 3.25 करोड़ रुपये के रियायती मूल्य पर खरीदने में मदद की जबकि इसका वास्तविक मूल्य 4.25 करोड़ रुपये था. यह निदेशक कंपनी को रेटिंग देने के कार्य में शामिल था. इस बारे में संपर्क करने पर फिच रेटिंग्स के प्रवक्ता ने टिप्पणी से इंकार किया.

जांच रिपोर्ट के अनुसार आईएफआईएन और सूमह की अन्य इकाइयों को विभिन्न रेटिंग एजेंसियों से ऊंची रेटिंग मिली हुई थी क्योंकि समूह की संबंधित कंपनियों के बही खातों को लीपापोती कर अच्छा दिखाया गया था. कोर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की जांच में यह खुलासा पहले ही हो चुका है कि आडिटरों तथा स्वतंत्र निदेशकों की उस समय आईएफआईएन के शीर्ष प्रबंधन के साथ सांठगाठ थी. इसी सांठगाठ की वजह से कंपनी को नुकसान हुआ.