समुद्री तूफान ‘वायु’ कल गुजरात स्थित पश्चिमी तट से टकराएगा. इसके मद्देनजर वहां से तीन लाख लोगों को तूफान के प्रभाव से दूर ले जाने की तैयारी की जा रही है. एनडीटीवी के मुताबिक सरकार ने कच्छ से लेकर दक्षिण गुजरात तक के तटीय क्षेत्र के लिए ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया है. इस क्षेत्र के सभी स्कूल और कॉलेज आज और कल बंद रहेंगे. मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद तूफान से बचने की तैयारियों का जायजा लिया.

1. ‘वायु’ कल पोरबंदर और महुवा स्थित वेरावल व दीयू क्षेत्र के बीच वाले तट से टकरा सकता है. ऐसे में इस क्षेत्र के इलाकों में तेज हवाएं देखने को मिलेंगी. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि तूफान से छप्पर वाले घरों को नुकसान पहुंच सकता है. बिजली और संचार की समस्या आ सकती है. साथ ही, सड़कों और फसलों को भी नुकसान हो सकता है.

2. ऐसे में बचाव अभियान की अभी से तैयारी की जा रही है. खबरों के मुताबिक राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम के साथ वायु सेना का एक विमान आज सुबह जामनगर पहुंच गया. सेना, तट रक्षक, बीएसएफ और अन्य एजेंसियों को भी बचाव अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है. वहीं, गुजरात और दीयू द्वीप के अधिकारी तूफान के लिहाज से संवेदनशील इलाकों के तीन लाख लोगों को राहत शिविरों में भेजने की योजना बना रहे हैं.

3. उधर, ब्रिटेन में मौसम से जुड़ी जानकारियां देने वाले मेट ऑफिस ने बताया है कि ‘वायु’ के चलते गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है. इनमें कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीयू, गीर सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जैसे जिले शामिल हैं. मेट के मुताबिक यहां तूफान के चलते भूस्खलन हो सकता है.

4. तूफान को देखते हुए मछुआरों को 15 जून तक समुद्र और तटीय इलाके में न जाने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र के नजदीक पड़ने वाले तट पर भी आज और कल जाने की मनाही है. इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पर्यटकों से अपील की है कि वे आज द्वारका, सोमनाथ, सासन और कच्छ छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. इसके लिए राज्य सरकार ने अलग से वाहनों का इंतजाम किया है जो पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में मदद करेंगे. तूफान को देखते हुए सरकार ने अपना तीन दिवसीय ‘शाला प्रवेशोत्सव’ भी रद्द कर दिया है.

5. उधर, गोवा और कोंकण में भी ‘वायु’ की वजह से अगले दो दिन भारी बारिश देखने को मिल सकती है. इस बीच, भारतीय तट रक्षक ने बताया कि महाराष्ट्र के रत्नागिरी पोर्ट पर दस चीनी नौकाओं को मानवता के आधार पर शरण दी गई है. ‘वायु’ के संभावित प्रभाव से बचने के लिए इन नौकाओं के अधिकारियों की तरफ से इसकी अपील की गई थी.