मुंबई के एक व्यापारी को विमान अपहरण की अफवाह उड़ाना भारी पड़ गया है. मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक भारत में विमान अपहरण से जुड़े नए कानूनों के तहत यह अपनी तरह का पहला मामला है.

खबर के मुताबिक आरोपित बिरजू सल्ला ने अक्टूबर, 2017 में जेट एयरवेज के विमान को हाइजैक किए जाने की झूठी धमकी दी थी. उसने विमान के शौचालय में एक पत्र छोड़ा था जिसमें लिखा था कि विमान का अपहरण करने वाले विमान में मौजूद हैं जो उसे ‘सीधे पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) ले जाएंगे’. पत्र में यह भी कहा गया था कि अगर विमान को कहीं और उतारने की कोशिश की गई तो उसमें मौजूद लोग मारे जाएंगे. पत्र में यह भी लिखा था कि विमान के कार्गो एरिया में एक बम लगाया गया है.

बिरजू सल्ला की इस हरकत को लेकर अदालत ने कहा कि इससे फ्लाइट में मौजूद लोगों के मानसिक तनाव और आघात का अंदाजा लगाना मुश्किल है. कोर्ट ने कहा कि जुर्माने की पांच करोड़ रुपये की रकम में से इन लोगों को मुआवजा दिया जाएगा. खबर के मुताबिक विमान उड़ा रहे पायलट और को-पायलट को एक-एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी. वहीं, विमान में मौजूद कर्मियों को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे. इसके अलावा सभी 116 यात्रियों को 25-25 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिए जाएंगे.

सल्ला की इस हरकत की वजह प्रेम में ठुकराया जाना था. मामले में दायर की गई चार्जशीट के मुताबिक बिरजू सल्ला की एक महिला मित्र ने उसे (बतौर प्रेमी) अस्वीकार कर दिया था. इसके बदले वह महिला को सबक सिखाना चाहता था. यह महिला जेट एयरवेज की ही एक कर्मी है जो घटना वाले दिन फ्लाइट में मौजूद थी. खबर की मानें तो सल्ला को लगा कि उसके ऐसा करने से महिला की नौकरी चली जाएगी. लेकिन अब वह खुद आजीवन जेल में रहेगा.