खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से खुदरा मुद्रास्फीति मई महीने में 3.05 प्रतिशत पर रही. यह पिछले सात महीने में महंगाई का उच्चतम स्तर है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

आंकड़ों के मुताबिक, मई में खुदरा महंगाई 3.05 फीसद पर पहुंच गई, जिसकी सबसे बड़ी वजह खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ना रहा है. संशोधित आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में 2.99 प्रतिशत रही. पहले प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 2.92 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया गया था. मई में महंगाई का आंकड़ा अक्टूबर 2018 के बाद सबसे ऊंचा है. गत अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति 3.38 प्रतिशत थी. ताजा आंकड़ों के मुताबिक ,खाद्य मुद्रास्फीति मई, 2019 में 1.83 प्रतिशत रही. यह अप्रैल के 1.1 प्रतिशत की तुलना में अधिक है.

भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा के लिए मुख्यत खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर गौर करता है. हाल ही में रिजर्व बैंक ने महंगाई बढ़ने की संभावना के बावजूद ब्याद दरों में कटौती की थी.