उत्तर प्रदेश के शामली में रेलवे पुलिसकर्मियों द्वारा एक पत्रकार के साथ मारपीट करने का मामला आज सोशल मीडिया पर कई लोगों की टिप्पणियों का हिस्सा बना है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस घटना का एक वीडियो जारी किया था जो यहां काफी शेयर किया गया है. इसके साथ कहा जा रहा है कि यह पूरे मीडिया पर हमला है. देव का ट्वीट है, ‘देश का संतुलन बिगाड़ा जा रहा है... चौथा स्तंभ (मीडिया) गिराया जा रहा है.’ वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह की तंजभरी टिप्पणी है, ‘अबकी बार, मार पत्रकार’

यह घटना भी उत्तर प्रदेश की है और इससे पहले सोशल मीडिया पर पत्रकार प्रशांत कनौजिया और अन्य पत्रकारों के खिलाफ प्रदेश पुलिस की कार्रवाई चर्चा में थी. इस हवाले से कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस राज्य के शासन-प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं. तपन शर्मा ने लखनऊ शहर की टैग लाइन (पर्यटन विज्ञापन की) ‘मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं’ की तर्ज पर चुटकी ली है, ‘मुस्कुराइए कि आप यूपी में हैं.’

सोशल मीडिया में इस घटना पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

कपिल | @kapsology

उन्होंने जब सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हमला किया... तब मीडिया चुप रहा.
उन्होंने जब छात्र-छात्राओं पर हमला किया... तब मीडिया अपनी धुन में नाच रहा था.
उन्होंने जब संवैधानिक संस्थानों पर हमला किया... तब मीडिया ने नेहरू पर सवाल उठाए.
उन्होंने जब अल्पसंख्यकों पर हमले किए... तब मीडिया ने उनके प्रोपेगेंडा का समर्थन किया.
अब वे मीडिया पर हमला करने के लिए आ रहे हैं... और हम यह सब पॉपकॉर्न खाते हुए देख रहे हैं.

आशुतोष उज्ज्वल | facebook

अब गाड़ी में PRESS मत लिखवाना… वरना यूपी पुलिस पीट देगी.

वीर विनोद छाबड़ा | facebook

अगर पत्रकार ही यों पिटेगा तो आम आदमी क्या ख़ाक जियेगा!

अनिल यादव | @anil100y

अभी प्रशांत कनोजिया का मामला ठंडा नहीं हुआ था कि शामली में एक पत्रकार साहब की पिटाई इंस्पेक्टर साहब ने कर दी. जिन पत्रकारों की भूमिका ‘राम राज्य’ लाने में अहम रही है, नम्बर उनका भी जरूर आएगा.