अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अपनी भारत यात्रा से पहले लोकसभा चुनाव में भाजपा के नारे ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का जिक्र किया. इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को अगले चरण पर ले जाने की इच्छा व्यक्त की. माइक पॉम्पियो ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मोदी प्रशासन के पास ऐसा करने का ‘असाधारण अवसर’ है.

पीटीआई के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री ने बुधवार को ‘इंडिया आइडियाज समिट ऑफ अमेरिका-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ में भारत की नीति के संबंध में एक भाषण दिया. इसमें उन्होंने कहा, ‘जैसा कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी ने अपनी हालिया प्रचार मुहिम में कहा था, ‘मोदी है तो मुमकिन है’, उसी को ध्यान में रखकर मैं यह पता लगाना चाहता हूं कि हमारे लोगों के बीच क्या संभव है.’

माइक पॉम्पियो इसी महीने नई दिल्ली आने वाले हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के संबंध में उन्होंने कुछ ‘बड़े विचारों और बड़े अवसरों’ का जिक्र किया. अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने भारत मिशन की जानकारी देते हुए कहा कि उनका वास्तव में मानना है कि दोनों देशों के पास अपने लोगों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया की भलाई के लिए एक साथ आगे बढ़ने का अद्वितीय मौका है. माइक पॉम्पियो ने कहा, ‘यह स्वाभाविक है कि दुनिया में सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश को दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र के साथ हाथ मिलाना चाहिए ताकि वे हिंद-प्रशांत के लिए अपनी साझी सोच को आगे ले जा सकें.’

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका रक्षा सहयोग को एक नए आयाम पर लेकर गया है. माइक पॉम्पियो का कहना था कि ट्रंप ने हिंद-प्रशांत के लिए साझे दृष्टिकोण को मजबूत किया है और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान के अस्वीकार्य सहयोग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अपने नए समकक्ष एस जयशंकर के रूप में मजबूत साझेदार है. जयशंकर अमेरिका में भारत के राजदूत भी रहे हैं.