कुछ समय पहले तक तेलंगाना कांग्रेस के विधायक रहे जीवी (गंद्रा वेंकटरमन) रेड्‌डी ने अपनी पूर्ववर्ती पार्टी के तमाम आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा है, ‘हम कोई भेड़-बकरी नहीं हैं जो हमें ख़रीद लिया जाए.’

जीवी रेड्‌डी तेलंगाना कांग्रेस के उन 12 विधायकों में से हैं जो हाल ही में सत्ताधारी टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) में शामिल हुए हैं. इन विधायकों के टीआरएस में जाने के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि उसके ‘विधायकों को ख़रीदा गया है. उन्हें पद और पैसे का लालच दिया गया है.’ जीवी रेड्‌डी इसी पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.

रेड्‌डी ने कहा, ‘हमने जो किया नियमों के अनुसार किया. संविधान में स्पष्ट है कि सदन में अगर किसी पार्टी की मौज़ूदा सदस्य संख्या के दो-तिहाई या उससे अधिक सदस्य चाहें तो वे अन्य दल में विलय कर सकते हैं. इसी के अनुरूप हमने छह जून को विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उनके सामने टीआरएस में शामिल होने की इच्छा जताई थी. विधानसभा अध्यक्ष ने हमें इसकी इजाज़त दी और हमने उसी के मुताबिक क़दम उठाया. इस पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया आश्चर्यजनक है.’

ग़ौरतलब है कि कांग्रेस इस मामले को अदालत में भी ले गई है. वहां विधायकों के पालाबदल को चुनौती दी गई है. तेलंगाना हाईकोर्ट ने संबंधित विधायकाें को इस बाबत नोटिस जारी किए हैं. इस पर रेड्‌डी का कहना था कि नोटिस का ज़वाब दे दिया जाएगा.