यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर को अब इस मामले में बड़ी राहत मिली है. खबरों के मुताबिक ​अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा लगाए गए इन आरोपों और इनको लेकर दर्ज मामले में मुंबई की ओशीवारा पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं. ऐसे में स्थानीय पुलिस ने इसी बुधवार को मुंबई में ही अंधेरी की एक अदालत में ‘बी समरी’ रिपोर्ट दाखिल की है. ‘बी समरी’ रिपोर्ट उन मामलों में दाखिल की जाती है जिनमें जांच के दौरान पुलिस को आरोपित के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलता.

वहीं इस संबंध में तनुश्री दत्ता के वकील नितिन सतपुते ने कहा है, ‘पुलिस की तरफ से दाखिल की गई रिपोर्ट के इस बारे में फिलहाल हमें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. पुलिस अगर इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करती है तो हम इसका विरोध करेंगे.’

इससे पहले तनुश्री दत्ता ने बीते साल अक्टूबर में नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. तब उन्होंने कहा था कि साल 2009 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उन्हें गलत ढंग से छुआ था. उनका यह भी कहना था कि उस गाने के कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने जानबूझकर उसमें कुछ ऐसे दृश्य रखे थे जिससे कि नाना पाटेकर को उन्हें छूने का मौका मिल सके. इसके अलावा तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के महिलाओं के प्रति रवैये को अपमानजनक भी बताया था.

तनुश्री दत्ता की तरफ से नाना पाटेकर पर लगाए उन आरोपों के बाद भारत में #मीटू अभियान की शुरुआत हो गई थी. साथ ही उस अभियान के तहत फिल्म और टेलीविजन के अलावा कई दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने अनेक जानी-मानी हस्तियों पर यौन शोषण और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.