पूंजी बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के बारे में सख्त नियमों की घोषणा की. नए नियमों के मुताबिक, रेटिंग एजेंसियों को रेटिंग जारी करते समय उसमें होने वाली चूक की संभावना की सूचना भी अपनी वेबसाइट पर देनी होगी. सेबी के यह नए नियम एजेंसियों को इस साल 31 दिसंबर तक लागू करने होंगे.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रेटिंग एजेंसियों की चूक की निगरानी और समय पर उसका पता लगाने के संदर्भ में एक समान मानक परिचालन प्रक्रिया पर भी जोर दिया है. किसी कंपनी या उत्पाद की रेटिंग किस आधार पर की जा रही है, इस बारे में प्रत्येक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी को अपनी वेबसाइट पर जानकारी देनी होगी.

सेबी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब कर्ज लौटाने में चूक के मामले तथा साख निर्धारण एजेंसियों की भूमिका को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. आईएलएंडएफएस मामले में रेटिंग एजेंसियों की भूमिका जांच के घेरे में हैं. इस मामले में रेटिंग एजेंसियों पर आरोप हैं कि उन्होंने गलत तरीके से कंपनी की रेटिंग ऊंची बनाए रखी, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ.