चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक अनौपचारिक सम्मलेन के लिए इस साल के अंत तक भारत की यात्रा करेंगे. खबरों के मुताबिक किर्गिस्तान के बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के दौरान आज शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अलग से एक बैठक हुई थी. इसी बैठक में नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया था. इस मौके पर चीनी राष्ट्रपति ने मोदी को दोबारा भारत का प्रधानमंत्री निर्वाचित होने के लिए बधाई दी. वहीं भारतीय प्रधानमंत्री ने देश की तरफ से आगामी 15 जून को उनके 67वें जन्मदिन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं.

इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने बीते साल चीन के वुहान शहर में हुई अनौपचारिक वार्ता को भी याद किया. साथ ही कहा कि उस वार्ता की वजह से दोनों देशों के आपसी संबंधों में गति आई है ओर भारत-चीन एक-दूसरे की चिंताओं और हितों को लेकर पहले से ज्यादा संवेदनशील हुए हैं. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे और आतंकवाद मुक्त क्षेत्र बनने की दिशा में कदम बढ़ाए लेकिन ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं पड़ रहा है. इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा हुई.

वहीं इस बैठक के बारे में विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह मुलाकात 20 मिनट के लिए तय हुई थी. लेकिन यह बैठक तय वक्त से कहीं अधिक समय तक चली. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इस साल भारत-चीन संबंधों के 70 साल पूरे हो रहे हैं. इसे देखते हुए 70 कार्यक्रमों के आयोजन का प्रस्ताव रखा गया है जिनमें 35 चीन में जबकि इतने ही कार्यक्रम भारत में आयोजित करवाए जाएंगे.