पश्चिम बंगाल में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी. वहीं, ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों पर बरसते हुए विपक्षी भाजपा और माकपा पर उन्हें भड़काने तथा मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया.

डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से कई सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों अस्पतालों में तीसरे दिन भी आपातकालीन वार्ड, ओपीडी सेवाएं, पैथोलॉजिकल इकाइयां बंद रहीं. वहीं, निजी अस्पतालों में भी चिकित्सा सेवाएं बंद रहीं. डॉक्टर कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भीड़ द्वारा अपने दो सहकर्मियों पर हमले के मद्देनजर प्रदर्शन कर रहे हैं.

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने घटना के खिलाफ तथा हड़ताली डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को ‘अखिल भारतीय विरोध दिवस’ घोषित किया है. इस बीच एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य साइबल मुखर्जी तथा चिकित्सा अधीक्षक एवं उप प्रधानाचार्य सौरभ चटोपाध्याय ने संस्थान के संकट से निपटने में विफल रहने की वजह से इस्तीफा दे दिया है. उधर, विपक्ष ने गतिरोध के लिए ममता पर हमला किया है. भाजपा ने उन पर ‘हिटलर’ की तरह काम करने का आरोप लगाया.

वहीं, बंगाल में पीटे गए डॉक्टरों के समर्थन में दिल्ली के डॉक्टर भी आज हड़ताल पर रहेंगे. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक एम्स और सफदरजंग अस्पताल के 3,500 से ज्यादा डॉक्टर आज काम नहीं करेंगे. हड़ताल के दौरान दोनों अस्पतालों की ओपीडी सेवा बंद रहेगी. अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ डॉक्टर आपातकालीन विभाग और आईसीयू का काम देखेंगे.