पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में रहने वालों को बांग्ला भाषा में बोलना सीखना होगा. ममता ने भाजपा पर राज्य की सत्ता हथियाने के लिए ‘गुजरात मॉडल’ लागू करने की कोशिश में बंगालियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

ममता ने भाजपा पर बंगाल को गुजरात बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए गुजरात में दंगे कराए, वह बंगाल में भी यही रणनीति अपनाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह भाजपा को कभी भी पश्चिम बंगाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के गृह प्रदेश गुजरात में बदलने नहीं देंगी. उन्होंने कहा, ‘हम बंगालियों को बंगाल में बेघर नहीं होने देंगे.’

ममता ने कहा, ‘हमें बांग्ला (भाषा) को आगे लाना होगा. जब हम दिल्ली जाते हैं तो हम हिंदी में बोलते हैं, जब हम पंजाब जाते हैं तो पंजाबी में बोलते हैं. मैं भी ऐसा करती हूं. जब मैं तमिलनाडु जाती हूं तो मैं तमिल भाषा नहीं जानती लेकिन मैं कुछ शब्द जानती हूं. इसलिए इसी तरह से अगर आप बंगाल आते हैं तो आपको बांग्ला बोलनी होगी... हम यह नहीं होने देंगे कि बाहर से लोग आएं और बंगालियों को पीट दें.’ ममता ने कहा कि मैं बंगाल में रह रहे गैर बंगालियों के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन भाजपा बंगाली और गैर बंगाली का भेद पैदा करने की कोशिश कर रही है.

इस बार के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 18 जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीटें जीतीं. भाजपा पर ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने मतपत्रों का इस्तेमाल करने की मांग की. लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद से ही बंगाल में राजनीतिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं.