हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान यज्ञ कर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से जिताने का झूठा दावा करने वाले बाबा वैराग्यनंद गिरी महाराज ने समाधि लेने का फैसला किया है. उन्होंने इसके लिए भोपाल के कलेक्टर को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है. हालांकि, भोपाल के कलेक्टर तरूण कुमार पिथोड़े ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया है और पुलिस को बाबा के जानमाल की सुरक्षा करने को कहा है.

पीटीआई के मुताबिक भोपाल में स्थानीय अधिवक्ता माजिद अली ने शुक्रवार को बताया, ‘बाबा वैराग्यनंद गिरी महाराज ने 13 जून को भोपाल कलेक्टर को एक आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि 16 जून को उन्हें (बाबा वैराग्यनंद) ब्रह्मलीन समाधि लेने की स्वीकृति दी जाए और इसके लिए जगह भी बताई जाए, ताकि ब्रह्मलीन समाधि के दौरान बाबा की शांति में व्यवधान न हो.’

माजिद के मुताबिक इस आवेदन में बाबा वैराग्यनंद ने लिखा है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की जीत की कामना के लिए एक यज्ञ हवन करते हुए संकल्प लिया था कि यदि दिग्विजय सिंह को चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा तो वे हवनकुण्ड में ब्रह्मलीन समाधि ले लेंगे.

बाबा वैराग्यनंद ने भोपाल के कलेक्टर से कहा है, ‘दिग्विजय सिंह भोपाल से चुनाव हार चुके हैं. इसलिए मैं अपने संकल्प पर दृढ़ संकल्पित रहते हुए इसे पूर्ण करना चाहता हूं...विधि विधान के अनुरूप 16 जून 2019 को दो बजकर 11 मिनट पर अनुराधा नक्षत्र चतुर्दशी को समाधि लेना तय हुआ है, अब आप मुझे इसके लिए स्वीकृति प्रदान करने का कष्ट करें.’

बाबा द्वारा दिए गए इस आवेदन पर अधिवक्ता माजिद अली ने हस्ताक्षर किए हैं. अली ने बताया कि उन्हें बाबा वैराग्यनंद ने इस आवेदन पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया है. अली भोपाल जिला न्यायालय में निजी वकालत करते हैं.

भोपाल कलेक्टर तरूण कुमार पिथोड़े ने पीटीआई को बताया, ‘समाधि लेने के लिए वैराग्यनंद गिरी महाराज का 13 जून को आवेदन आया था. इस तरह की अनुमति नहीं दी जा सकती है. इसके बारे में मैंने पुलिस को पत्र लिखा है और कहा है कि वैराग्यनंद की जानमाल की सुरक्षा करें.’