प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद से प्रभावी मुकाबले की रूपरेखा तैयार करने के लिए वैश्विक सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. उन्होंने किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर में पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला भी बोला. उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले, इसे मदद देने वाले और इसका वित्तपोषण करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत आतंकवाद मुक्त समाज के लिए खड़ा है. एससीओ चीन के नेतृत्व वाला आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा समूह है. इसमें भारत और पाकिस्तान को 2017 में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया था.

टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े को लेकर भारतीय रेलवे की बड़ी कार्रवाई

भारतीय रेल ने टिकटों की बुकिंग में फर्जीवाड़े को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. जनसत्ता की खबर के मुताबिक रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने देशभर में ‘ऑपरेशन थंडर’ चलाकर 375 जगहों पर छापामारी की है. इसमें 382 टिकट दलालों की गिरफ्तारी की गई. आरपीएफ के महानिदेशक ने बताया कि इन दलालों के पास से 33 लाख रुपये की कीमत वाले 22,253 टिकट जब्त किए गए हैं. उनका कहना है कि इन टिकटों की बुकिंग काउंटर, तत्काल सेवा और ऑनलाइन सेवा के जरिये की गई थी. अरुण कुमार ने आगे कहा कि टिकट दलाल भीड़ की स्थिति का फायदा उठाने के लिए इन सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं. बताया जाता है कि इन टिकटों का इस्तेमाल एक हफ्ते के भीतर किया जाना था.

डॉ. मनमोहन सिंह की राज्यसभा से चुपचाप विदाई

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की राज्यसभा से चुपचाप विदाई हो गई. संसद के उच्च सदन में उनका मौजूदा कार्यकाल शुक्रवार को खत्म हुआ. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक राज्यसभा सत्र न चलने की वजह से उन्हें सदन में अपना अनुभव साझा करने का मौका नहीं मिला. साथ ही, सदन की ओर से भी उन्हें औपचारिक विदाई न दी जा सकी. इससे पहले वे साल 1991 से लगातार संसद में असम का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. हालांकि, इस बार राज्य में उनकी जीत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या न होने की वजह से कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया है. डॉ. मनमोहन सिंह ने साल 2004 राज्यसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी भी संभाली है.

तीन तलाक विधेयक के खिलाफ जदयू

17वीं लोकसभा के पहले सत्र में मोदी सरकार-2 एक बार तीन तलाक से संबंधित विधेयक लाने की तैयारी में है. हालांकि, इस मामले में भाजपा को अपने सहयोगी दल जदयू के विरोध का सामना करना पड़ सकता है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक जदयू नेता श्याम रजक ने कहा है कि उनकी पार्टी इस विधेयक के खिलाफ है और संसद में इसका विरोध करेगी. उन्होंने कहा, ‘तीन तलाक एक सामाजिक मुद्दा है और इसका समाधान इस रूप में ही करना होगा.’ वहीं, बिहार जदयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि इस पर और अधिक विचार-विमर्श की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यदि इस विधेयक को राज्यसभा में लाया जाता है तो उनकी पार्टी इसके खिलाफ वोट करेगी. इससे पहले पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी संविधान की धारा-370 को हटाने और समान सिविल संहिता को लागू करने को लेकर अपनी असहमति जाहिर की थी. वहीं, उनका कहना था कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण मुद्दे का समाधान आपसी संवाद या अदालती आदेश से होना चाहिए.

दक्षिणी रेलवे के आपसी संवाद के लिए हिंदी और अंग्रेजी को अनिवार्य बनाने संबंधी सर्कुलर पर विवाद

दक्षिणी रेलवे के नियंत्रण अधिकारियों और स्टेशन मास्टरों के बीच आपसी संवाद के लिए हिंदी और अंग्रेजी को अनिवार्य बनाने संबंधी सर्कुलर पर तमिलनाडु में विरोध दर्ज किया गया. हालांकि, द्रमुक पार्टी के इसके खिलाफ आपत्ति जाहिर करने के बाद इसे वापस ले लिया गया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक इस सर्कुलर को मई, 2019 में जारी किया गया था. लेकिन, मीडिया के जरिए इसका खुलासा शुक्रवार को हुआ. वहीं, द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने इसे हिंदी भाषा को लागू करने और स्थानीय भाषा को खत्म करने का प्रयास बताया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर तमिलों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया.

छत्तीसगढ़ : बिजली कटौती की शिकायत करने वाले दो लोगों पर राजद्रोह का मामला, मुख्यमंत्री के दखल के बाद मामले वापस लिए गए

सोशल मीडिया पर बिजली कटौती से संबंधित पोस्ट करने पर छत्तीसगढ़ में दो लोगों पर अलग-अलग राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दखल के बाद संबंधित बिजली कंपनी ने इन्हें वापस ले लिया. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक शुक्रवार को इन मामलों की विपक्ष द्वारा आलोचना किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन पर संज्ञान लिया और पुलिस महानिदेशक को इस तरह की कार्रवाई को तत्काल रोकने का आदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस और उनकी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पक्षधर है. जिस तरह की कार्रवाई अभी हुई है, उस तरह का काम प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार करती थी.’