देश में कारों और एसयूवी वाहनों की बिक्री पिछले 18 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मई, 2019 में देश में 2.39 लाख यात्री वाहन बिके, जबकि पिछले साल मई में ही ऐसे तीन लाख वाहनों की बिक्री हुई थी. यानी इस बार इसमें 21 प्रतिशत की गिरावट आई है. इससे पहले अप्रैल में यात्री वाहनों की बिक्री में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ की गई थी.

यदि अलग-अलग सेगमेंटों को देखें तो बीते महीने कारों की बिक्री में 26.03, वैनों की बिक्री में 27, यूटिलिटी व्हीकल (यूवी) की बिक्री में 5.64 और व्यवसायिक वाहनों की बिक्री में 10 फीसदी की कमी दर्ज़ की गई है. देश का दो-पहिया वाहन सेगमेंट भी इस समस्या से अछूता नहीं रहा है. बीते महीने इस सेगमेंट में बिक्री के लिहाज से 6.73 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. यदि अक्टूबर-2018 को छोड़ दें तो वाहनों की बिक्री के ग्राफ में पिछले ग्यारह महीने में लगातार गिरावट देखी गई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस गिरावट का संबंध अर्थव्यवस्था में आई मंदी से है. इस रिपोर्ट की मानें तो नौकरियां घटने और बड़े लोन मिलना मुश्किल होने के चलते बाजार से खरीदार गायब होते जा रहे हैं. वाहन उद्योग से जुड़े लोग भारी डिस्काउंट और मुफ्त उपहार दे रहे हैं. इसके बावजूद उनका स्टॉक बढ़ता जा रहा है.

हाल में ह्युंडई, मारुति, टाटा और महिंद्रा ने अपनी-अपनी लोकप्रिय कारों के नए मॉडल लॉन्च किए, लेकिन खरीदारों ने उनमें रुचि नहीं दिखाई है. ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए चिंता की बात यह भी है कि नए नियमों के चलते अगले साल अप्रैल से वाहनों के दाम बढ़ जाएंगे. वहीं, एसयूवी और लक्जरी कारों में ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ईंधन डीजल के दाम भी बढ़ेंगे. ऐसे में इंडस्ट्री अब सरकार से जीएसटी की दर में कमी करने की गुहार लगा रही है.

इस स्थिति पर सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि हालात गंभीर रूप ले चुके हैं. वहीं, ह्युंडई इंडिया के सेल्स हेड विकास जैन कहते हैं, ‘हमने इतना लंबा नकारात्मक समय पहले नहीं देखा. यह बहुत मुश्किल घड़ी है. बाजार कभी-कभी गिरते हैं, लेकिन ऐसी उम्मीद नहीं थी. हम इसके लिए तैयार नहीं थे.’

बीएस-6 मानक वाली स्विफ्ट और वैगन-आर

भारतीय ऑटोसेक्टर के अलग-अलग सेगमेंट की तीन शीर्ष कंपनियों ने अपने प्रमुख उत्पादों के बीएस-6 मानकों पर खरे उतरने वाले मॉडल पेश किए हैं. इनमें देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी की लोकप्रिय हैचबैक कारें- स्विफ्ट और वैगन-आर प्रमुख हैं. बीएस 6 यानी भारत स्टेज ईंधन की गुणवत्ता और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को मापने का पैमाना है. इसका स्तर बढ़ते जाने पर ईंधन की गुणवत्ता बेहतर होती जाती है और इससे होने वाला प्रदूषण घटता जाता है. बीएस-6 अभी तक दुनिया का सबसे सख़्त वाहन प्रदूषण मानक माना जाता है. भारतीय सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल 2020 से देश में सिर्फ़ बीएस-6 मानकों पर खरे उतरने वाले वाहन ही बेचे जा सकेंगे.

प्रदूषक उत्सर्जन के अलावा मारुति ने स्विफ्ट और वैगन-आर के नए मॉडलों को सुरक्षा के मामले में भी पहले से उन्नत किया है. दोनों ही कारों के साथ आने वाले सेफ्टी फीचर्स में- डुअल एयरबैग, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम (ईबीएस), रियर पार्किंग सेंसर, सीटबेल्ट रिमाइंडर और हाई-स्पीड अलर्ट शामिल हैं. परफॉर्मेस के मामले में मारुति-सुज़ुकी इंडिया ने इन दोनों ही कारों में समान 1.2-लीटर क्षमता का के12बी पेट्रोल इंजन दिया है जो 83 बीेचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 115 एनएम पीक टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. दोनों कारों के साथ लगा ट्रांसमिशन बॉक्स भी समान है जिसमें 5-स्पीड मैनुअल और ऑटो गियर शिफ्ट (एजीएस) यूनिट शामिल हैं. डिज़ाइन और स्टाइल के लिहाज़ में कंपनी ने दोनों ही कारों में कोई भी बदलाव नहीं किया है.

बीएस-6 में अपडेट के बाद इन दोनों कारों की कीमतें बढ़ा दी गई हैं. नई स्विफ्ट की दिल्ली एक्सशोरूम कीमत 5.14 लाख रुपए से लेकर 8.89 लाख रुपए तक जाती हैं, वहीं वैगन-आर 1.2 पेट्रोल की कीमत 5.10 से शुरू होकर 5.91 लाख रुपए तक जाती है.

बीएस-6 मानक वाली हीरो स्प्लेंडर आईस्मार्ट

देश की सबसे बड़ी बाइक निर्माता कंपनी हीरो ने अपनी लोकप्रिय बाइक स्प्लेंडर आईस्मार्ट के साथ अपना पहला बीएस-6 इंजन पेश किया है. हीरो की इस नई पेशकश पर इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) ने भी अपनी मुहर लगा दी है. यह उपलब्धि हासिल करने वाली स्प्लेंडर आईस्मार्ट देश की पहली दो-पहिया वाहन है.

बीएस-6 अप्रूवल सर्टिफिकेट पाने के लिए किसी वाहन निर्माता कंपनी को अपने वाहन का प्रोटोटाइप तैयार कर उसकी टेस्टिंग करनी होती है. इसमें सफल रहने पर आईसीएटी, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोशिएट ऑफ इंडिया (एआरएआई) और ग्लोबल ऑटोमोटिव रिसर्च सेंटर (जीएआरसी) जैसी संस्थाएं वाहन को मान्यता देती हैं. हीरो स्प्लेंडर आईस्मार्ट को कंपनी ने पूरी तरह से जयपुर स्थित अपने इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (सीआईटी) सेंटर में विकसित किया है.

बीएस-6 मानक वाली होंडा एक्टिवा

देश की सबसे बड़ी स्कूटर निर्माता कंपनी होंडा ने भी अपने लोकप्रिय स्कूटर एक्टिवा को बीएस-6 मानकों पर खरे उतरने वाले इंजन से लैस किया है. नई प्रीमियम एक्टिवा-125 के साथ कुछ और भी खास अपडेट देखने को मिलते हैं जिनमें- साइलेंट स्टार्ट सिस्टम, डिजिटल एनालॉग मीटर और ऑटो स्टॉप सिस्टम प्रमुख हैं. ऑटो स्टॉप सिस्टम ट्रैफिक सिग्नल जैसी जगहों पर निष्क्रिय खड़े स्कूटर को स्वत: बंद कर ईंधन बचाने में मदद करता है.

स्कूटर के डिजिटल-एनालॉग मीटर में- दूरी, माइलेज, रियल टाइम फ्युअल एफिशिएंसी, ट्रिप डिस्टेंस, इको इंडीकेटर, क्लॉक, सर्विस ड्यू इंडिकेटर और मालफंक्शन लाइट (किसी भी गड़बड़ से जुड़े इंडिकेटर) जैसी खूबियां दी गई हैं. इसके अलावा यहां साइड स्टैंड इंडिकेटर भी दिया गया है. इससे जुड़ा खास फीचर साइड स्टैंड के खुला रहने पर स्कूटर के इंजन को स्टार्ट नहीं होने देता और दुर्घटना की स्थिति से बचाता है. वहीं, नई स्टाइल के सिग्नेचर एलईडी पोजिशन लैंप के साथ दिए गए फुल एलईडी हैडलैंप और क्रोम फिनिश वाली फ्रंट प्रोफाइल लुक्स के मामले में नई एक्टिवा को खासा आकर्षक बनाती है.

होंडा ने नई एक्टिवा के साथ 125 सीसी क्षमता का प्रोग्राम्ड फ्युअल इंजेक्शन (पीजीएम-एफआई) एचईटी इंजन दिया है. यह इंजन होंडा इनहैंस स्मार्ट पॉवर (ईएसपी) टेक्नोलॉजी से लैस है. इस तकनीक के चलते ईंधन का अधिकतम दहन संभव हो पाता है. इससे इंजन में घर्षण की कमी और पॉवर में खासी बढ़ोतरी देखने को मिलती है. ख़बरों की मानें तो यह नई एक्टिवा जल्द ही बिक्री के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी.

वर्ल्ड कार अवॉर्ड- 2020 की शुरुआत

दो बड़ी घोषणाओं के साथ इस हफ़्ते वर्ल्ड कार अवॉर्ड (डब्ल्यूसीए) के नए सेशन यानी 2020 की शुरुआत हो चुकी है. वर्ल्ड कार अवॉर्ड की पहली घोषणा नई ज्यूरी के गठन से जुड़ी है जिसमें भारत के चर्चित ऑटोविशेषज्ञ हनी मुस्तफा को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा वर्ल्ड कार अवॉर्ड ने लगातार सातवें साल खुद को दुनिया का नंबर वन अवार्ड प्रोग्राम घोषित किया है. ग्लोबल ऑटोमोटिव अवॉर्ड्स मीडिया मॉनिटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक इस अवॉर्ड की पहुंच 24.7 करोड़ लोगों तक है जो कि एक रिकॉर्ड है.

छह अलग-अलग कैटेगरी में दुनिया की टॉप कारें चुने जाने की प्रक्रिया इंटरनेशनल मोटर शो-2019 से शुरु होगी. यह शो सितंबर महीने में हर बार की तरह इस बार भी जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित होने वाला है जहां इसे ऑटोमोबिल औस्टेलुंग (आईएए) के नाम से जाना जाता है. आईएए विश्व का सबसे बड़ा मोटर शो है. यहां वर्ल्ड कार की दौड़ में शामिल होने वाली कारों के नाम की घोषणा की जाएगी. इसके बाद इसी साल नवबंर में अमेरिकी शहर लॉस एंजेल्स में आयोजित मोटर शो के दौरान डब्ल्यूसीए के ज्यूरी सदस्य प्रतिभागी कारों को खुद चलाकर परखेंगे. मजे की बात ये है कि उनमें से कइयों को ऐसी कारें पसंद आ सकती हैं जो उनके देशों में बिक्री के लिए उपलब्ध ही नहीं हैं.

वर्ल्ड कार अवार्ड का असली काउंटडाउन फरवरी-2020 में शुरु होगा जब डब्ल्यूसीए के ज्यूरी सदस्य अपनी पसंदीदा कारों के लिए वोट देंगे. उनके मतों को सारणीबद्ध करने की जिम्मेदारी वैश्विक स्तर पर ऑडिट के लिए प्रतिष्ठित संस्था केपीएमजी को सौंपी गई है. फिर हर कैटेगरी के टॉप थ्री वर्ल्ड फाइनलिस्ट के नाम मार्च-2020 में जेनेवा में आयोजित इंटरनेशनल मोटर शो में घोषित किए जाएंगे. इसके बाद आख़िर में अप्रैल-2020 में न्यूयॉर्क इंटरनेशनल ऑटो शो के दौरान इन सभी वैश्विक विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे.